राज्यमंत्री जसवंत सिंह सैनी और विधायक योगेश धामा ने राष्ट्र वंदना चौक पर ‘आंचल स्तनपान बूथ’ का विधिवत शुभारंभ किया। यह पहल सार्वजनिक स्थानों पर माताओं को शिशुओं को स्तनपान कराने में होने वाली असुविधा को दूर करने और उनके पोषण के अधिकार को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। अक्सर बाजार, बस अड्डे या सरकारी कार्यालयों जैसे सार्वजनिक स्थलों पर माताओं को गोपनीय स्थान के अभाव में कठिनाई होती थी। इस कारण कई बार शिशुओं को भूखा रहना पड़ता था या असुविधाजनक परिस्थितियों में स्तनपान कराना पड़ता था। 'आंचल' पहल इस समस्या का समाधान प्रस्तुत करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जन्म के बाद पहले छह माह तक शिशु के लिए केवल स्तनपान ही सर्वोत्तम पोषण है। यह बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और मां-शिशु के भावनात्मक संबंध को मजबूत करता है। यह बूथ मातृत्व सम्मान और बाल स्वास्थ्य की सुरक्षा का प्रतीक है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देशन में 'आंचल पहल' की शुरुआत पहले बड़ौत बस अड्डे से हुई थी, जहां प्रदेश का पहला स्तनपान कक्ष स्थापित किया गया था। वहां मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया और महिलाओं की मांग के बाद अब राष्ट्र वंदना चौक पर यह दूसरा बूथ स्थापित किया गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि भविष्य में जिला अस्पताल, तहसील परिसर, प्रमुख बाजारों, पार्कों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थलों पर भी ऐसे स्तनपान कक्ष स्थापित किए जाएं, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को सुविधा मिल सके। इस स्तनपान बूथ को पूरी तरह रिसाइकल्ड सामग्री से तैयार किया गया है, जिससे यह पर्यावरण अनुकूल है। इसमें स्वच्छता और स्थायित्व का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसमें वेंटिलेशन, साफ-सफाई की व्यवस्था, आरामदायक सीट और पर्याप्त रोशनी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। राष्ट्र वंदना चौक पर केवल स्तनपान बूथ ही नहीं, बल्कि बागपत के ऐतिहासिक नाम 'व्याघ्रप्रस्थ' से प्रेरित बाघ की आकर्षक डिजाइन वाला वाटर कियोस्क भी स्थापित किया गया है। यह कियोस्क राहगीरों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराएगा और शहर की सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त करेगा।