बरेली जंक्शन पर मंगलवार को एक यात्री की जान उस समय बच गई जब ड्यूटी पर तैनात जीआरपी सिपाही ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे सीपीआर दिया। यात्री को ट्रेन से उतरते ही दिल का दौरा पड़ा था। बिहार के गया जिले के निवासी दिनेश मोनिया हावड़ा-दिल्ली अमृत भारत ट्रेन से बरेली पहुंचे थे। उन्हें आगे मनौना धाम जाना था। ट्रेन से उतरते ही उनके सीने में तेज दर्द उठा और वे अचानक प्लेटफॉर्म पर गिर पड़े। उनके परिवार के सदस्य घबराकर मदद के लिए चिल्लाने लगे। सूचना मिलते ही ड्यूटी पर तैनात जीआरपी सिपाही हरीओम तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने यात्री की नब्ज और सांसों की जांच की, जो लगभग थम चुकी थीं। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए हरीओम ने तत्काल कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) देना शुरू कर दिया। प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य यात्री यह दृश्य सांसें थामे देख रहे थे। कुछ मिनटों की लगातार कोशिश के बाद दिनेश के शरीर में हलचल हुई और उनकी सांसें वापस आने लगीं। यह देखकर परिजनों की आंखों में राहत के आंसू आ गए। प्राथमिक सहायता के बाद परिजन दिनेश को तुरंत अस्पताल ले गए, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि यदि सही समय पर सीपीआर नहीं मिलता तो स्थिति जानलेवा हो सकती थी। विशेषज्ञों के अनुसार, हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में शुरुआती 3-5 मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस घटना के बाद यात्रियों ने सिपाही हरीओम की जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि उन्होंने केवल अपनी ड्यूटी ही नहीं निभाई, बल्कि एक प्रशिक्षित फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका निभाकर एक अनमोल जीवन बचाया।