भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने जिले में श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं को लेकर बुधवार को प्रदर्शन किया गया। चौधरी चरण सिंह पार्क में एकत्रित हुए कार्यकर्ताओं ने संगठन के झंडे और बैनर के साथ अपनी मांगों को उठाया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिलाध्यक्ष विनय शर्मा ने किया। प्रदर्शन 6, 7 और 8 फरवरी को जगन्नाथ पुरी में हुए संगठन के अखिल भारतीय राष्ट्रीय अधिवेशन के क्रम में आयोजित किया गया था। 25 फरवरी को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, श्रम मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक राष्ट्रव्यापी ज्ञापन भेजा गया। जिलाध्यक्ष विनय शर्मा ने ज्ञापन के मुख्य बिंदुओं की जानकारी दी। इनमें श्रम कानूनों को तत्काल लागू करना, आईएलओ के अनुरूप श्रम सम्मेलन आयोजित करना, तथा ठेका प्रथा के तहत संविदा कर्मियों को समय पर वेतन और फंड सुनिश्चित कर शोषण बंद करना शामिल है। अन्य मांगों में रेडी-पटरी, ई-रिक्शा, ऑटो चालक और साप्ताहिक पेंठ से जुड़े श्रमिकों को स्थायी अड्डे उपलब्ध कराना, पुरानी पेंशन योजना बहाल करना, बोनस राशि ₹10,000 करना और ईपीएस-95 पेंशन ₹7,500 निर्धारित करना शामिल था। वेतनमान विसंगति समिति की रिपोर्ट पर तत्काल आदेश जारी करने की भी मांग की गई। जिला महामंत्री अनुज ने परिवहन विभाग से संबंधित मांगें रखीं। उन्होंने मृतक आश्रितों की शीघ्र नियुक्तियां, रिक्त पदों को भरना, संविदा कर्मियों को नियमित करना और चालक-परिचालकों के शोषण पर रोक लगाने की मांग की। केनरा बैंक फेडरेशन के राष्ट्रीय महामंत्री अनुज ने बैंकों में शासन की तर्ज पर पांच दिवसीय कार्य सप्ताह और आईपीएल (इंसेंटिव परफॉर्मेंस लिंक्ड) व्यवस्था लागू करने की मांग की। शुगर फेडरेशन के पदाधिकारियों ने न्यूनतम वेतन अधिनियम 1965 के तहत श्रमिकों को वेतन और महंगाई दर के अनुसार डीए की उचित गणना की मांग की। मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट अध्यक्ष अर्जुन त्यागी ने सिटी बसों के स्थायी अड्डे, समय पर वेतन और चालक-परिचालकों के लिए बीमा सुविधा सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, एनएचएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने तथा उन्हें संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप सरकारी सुविधाएं देने की मांग की। प्रदर्शन में स्वास्थ्य विभाग, शुगर मिल, परिवहन विभाग, कृषि विश्वविद्यालय, रेलवे, पोस्ट ऑफिस सहित विभिन्न विभागों के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।