महोबा में निषाद पार्टी ने मत्स्य विभाग और बिलखी समिति में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन किया। जिला सह प्रभारी आशाराम निषाद के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक राजेश सिंह और बिलखी समिति के सचिव महेश प्रसाद पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अधिकारियों के तत्काल निलंबन की मांग करते हुए जिलाधिकारी को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों ने संजय निषाद के निर्देशानुसार कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर नारेबाजी की। हाथों में झंडे और बैनर लेकर प्रदर्शन करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों को ताक पर रखकर अपनों को समिति में जोड़ा जा रहा है और धन का बंदरबांट किया जा रहा है। मत्स्य जीवी सहकारी समिति बिलखी के सदस्यों का कहना है कि वे पिछले तीन वर्षों से लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि सहायक निदेशक और सचिव की मिलीभगत से बिलखी तालाब के शिकार में लाखों रुपये का गबन किया गया है, जिससे अवैध रूप से अर्जित धन से संपत्तियां और वाहन खरीदे जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि नियमों का उल्लंघन करते हुए एक ही राशन कार्ड में दर्ज पूरे परिवार को समिति का सदस्य बना दिया गया है। इसके अलावा, सचिव ने अपने रिश्तेदारों और परिजनों को भी नियमों के विरुद्ध सदस्य बनाया है। चुनाव जीतने के लिए फर्जी तरीके से 23 नए सदस्य भी जोड़े गए हैं।​ ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब इस भ्रष्टाचार की शिकायत की गई, तो संबंधित अधिकारी द्वारा कार्रवाई के बदले 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। निषाद पार्टी ने मांग की है कि फर्जी बढ़ाए गए सदस्यों को हटाकर साल 2020 की मतदाता सूची के आधार पर समिति के निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं। साथ ही पीएम और सीएम मत्स्य संपदा योजना में हुए लाखों के गबन की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों को सस्पेंड किया जाए। इस मौके पर पुरुषोत्तम, कस्सी, लाल दीवान, प्रेमचंद सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे, जिन्होंने साफ कर दिया है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन होगा।