मथुरा के ‘मिनी जामताड़ा’ में साइबर ठगों को पकड़ने के लिए एक बार फिर 240 से अधिक पुलिसकर्मियों ने छापेमारी की। 20 से अधिक गाड़ियों से पुलिसकर्मियों के साथ एसपी पहुंचे और दो टीमें बनाकर दो गांवों में रेड किए। पुलिस टीम को देखते ही गांव में भगदड़ मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। कुछ खेतों में छिप गए। पुलिस ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पकड़ा। घरों की तलाशी ली गई। रविवार सुबह पुलिस ने विशंभरा और झंझावली गांव में रेड किए। करीब 5 घंटे तक चली कार्रवाई में पुलिस ने 34 लोगों को हिरासत में लिया। एसपी सुरेश चंद्र रावत के अनुसार, पुलिस को देखने के बाद 45 लोग फरार हो गए। 5 गाड़ियां भी जब्त की गई हैं। दरअसल, मथुरा के बॉर्डर क्षेत्र के करीब करीब 8-10 गांव ऐसे हैं जो साइबर ठगी का गढ़ माना जाता है। यहां साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क है जोकि देश-विदेशों में ठगी का अंजाम देता है। बीते 11 दिसंबर 2025 को इसी क्षेत्र के कई गांवों में 12 घंटे तक 400 पुलिसवालों ने सर्च ऑपरेशन चलाया। 42 जालसाजों की पहचान की, 37 को पकड़ भी था। सबसे पहले ये तस्वीरें देखिए सोते समय मारा छापा शेरगढ़ क्षेत्र के गांव विशंभरा और जांघवली में रविवार को सुबह 6 बजे एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत फोर्स के साथ पहुंचे। उस समय गांव वाले सो रहे थे। पुलिस को देखते ही अफरा तफरी मच गई।पुलिसकर्मियों ने पूरे गांव को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिसकर्मियों ने घरों की तलाशी ली। 45 से अधिक लोगों को हिरासत में ले गया है। पुलिस को अंदेशा है कि पकड़े गए युवक साइबर ठगी से जुड़े हैं। इनसे पूछताछ के बाद बड़े साइबर क्राइम नेटवर्क का भंड़ाफोड़ हो सकता है। साइबर ठगी की मिल रही थी शिकायत पुलिस को लगातार कई महीनों से साइबर ठगी की शिकायतें मिल रही थी। छानबीन करने पर पता चला कि शेरगढ़ क्षेत्र के गांवों से वारदात को अंजाम दिया जा रहा है। पुलिस ने बाइक, फोन भी कब्जे में लिया है। शेरगढ़ थाने में लाकर सभी से पूछताछ किया जा रहा। पुलिस ने 34 लोगों को अरेस्ट किया, 45 फरार एसपी देहात सुरेश चंद्र रावत ने बताया मथुरा में सायबर ठगों के खिलाफ की गई कार्यवाही के दौरान 240 पुलिस कर्मी मौजूद रहे। 6 ASP और सीओ भी रहे। कार्रवाई के लिए 2 टीम बनाई गई। पहली टीम ने विशंभरा में 23 लोगों को अरेस्ट किया जबकि 28 फरार हो गए। जबकि दूसरी टीम ने झंझावली से 11 लोगों को अरेस्ट किया और 17 फरार हो गए। 8 पहले भी जेल जा चुके हैं। अरेस्ट 2 लोग ऐसे हैं जिन पर पहले से विभिन्न राज्यों में 18 से अधिक फ्रॉड केस दर्ज है। 5 गाड़ियां भी बरामद की गई है। क्यों कहते हैं ‘मिनी जामताड़ा’? मथुरा के गोवर्धन में 15 से 20 किमी के दायरे में 7-8 गांव आते हैं। यह इलाका साइबर ठगों के लिए बेहद मुफीद माना जाता है। वजह- दो राज्यों का बॉर्डर। एक ओर राजस्थान, दूसरी ओर हरियाणा। दरअसल, इन गावों की लोकेशन कुछ ऐसी है कि सिर्फ 5 Km की दूरी पर राजस्थान बॉर्डर लगता है। वहीं, 15Km की दूरी पर हरियाणा बॉर्डर मिल जाता है। इन 2 राज्यों के त्रिकोण में बसे यही गांव साइबर गैंग्स का गढ़ बन चुके हैं। इन्हें यूपी का जामताड़ा कहा जाता है। यहां से ऑनलाइन फ्रॉड, साइबर ठगी, हैकिंग, फिशिंग, स्पैम कॉल-ईमेल, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग और सेक्सटॉर्शन का नेटवर्क चलता है। यहां के युवा न आईआईटीयन हैं, न टेक्नोक्रेट… पढ़ाई-लिखाई मुश्किल से 5वीं से 10वीं तक, लेकिन काम साइबर एक्सपर्ट और टॉप हैकर जैसा। चंद मिनट में फोन पर बात करते-करते अकाउंट से पैसे साफ कर देते हैं, वीडियो रिकॉर्ड कर ब्लैकमेल कर लेते हैं। ------------------------- ये खबर भी पढ़िए… बच्चे के जबड़े को चीरते हुए निकली गोली:बुलंदशहर में बेटे से बोला- गोली चला, किसी को लगी तो तेरा बाप देख लेगा बुलंदशहर में हर्ष फायरिंग में चली गोली बच्चे के जबड़े को चीरते हुए निकल गई। वह पड़ोसी की छत पर खेल रहा था। गोली लगते ही 8 साल का मासूम गिरकर लहूलुहान हो गया। साथ खेल रहे बच्चों ने उसके घर वालों को बताया। इसके बाद बच्चे का पिता उसे गोद में लेकर अस्पताल के लिए भागा। पढ़ें पूरी खबर….