मेरठ के शास्त्रीनगर में सेंट्रल मार्केट पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटकी है। ऐसे में बाजार में व्यापारियों ने भाजपा का विरोध करते हुए सपा के झंडे लगा दिए थे। सुबह जब बाजार खुला तो कई दुकानों पर सपा का झंडा था। थोड़ी देर बाद स्थानीय भाजपा नेताओं ने झंडे हटवा दिए। व्यापारियों का आरोप है कि हमारे बाजार पर संकट मंडरा है। एक कांप्लेक्स पहले ही टूट चुका है। अब दूसरी दुकानें टूटने की बारी आ चुकी है। भाजपा के जनप्रतिनिधियों का हमें सहयोग नहीं मिल रहा है, इसलिए सपा के झंडे लगाए थे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पूरे सेंट्रल मार्केट का ध्वस्तीकरण होना है। कोर्ट का आदेश था कि कमर्शियल एक्टिविटी रोककर बाजार ध्वस्त कर दिया जाए। इसके लिए आवास विकास को छह सप्ताह का समय दिया गया था। इसके बाद व्यापारियों ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी बात रखी थी। उन्होंने बाजार तोड़ने से रोकने की अपील भी की थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मामले में अगली सुनवाई 27 फरवरी होनी है। सपा विधायक अतुल प्रधान ने किया पोस्ट सपा विधायक अतुल प्रधान ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा- सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों का दर्द बहुत असहनीय है और हमारे द्वारा सदन में प्रमुखता से विधानसभा कार्यवाही में यह विषय उठाया गया। हम सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के हर दुख दर्द में उनके साथ हैं और उनकी आवाज बनने का हम काम करेंगे। आज उनकी पीड़ा और उनके साथ हुए धोखा से बहुत बुरी तरह आहत हैं। हम उनकी हर पटल पर उनकी मदद करने के लिए तैयार हैं। हमारे दल ने हमेशा उनका लड़ाई लड़ी और आगे भी पूरे सामर्थ से लड़ेगी। व्यापारियों ने आवास विकास परिषद में दिया था धरना सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों ने मंगलवार को आवास विकास परिषद पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया था। व्यापारियों ने आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना और परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी और परिषद के अधिकारियों को बुलाने की मांग की। काफी देर चले धरने के बाद व्यापारियों ने आवास विकास के गेट पर नोटिस चस्पा करके अधिकारियों को 24 घंटे में व्यापारियों के बीच आने का अल्टीमेटम दिया था। व्यापारियों ने कहा था कि 661/6 पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई है, वहीं अब धरना दिया जाएगा। राहत की गुहार और आगामी सुनवाई अधिकारियों ने व्यापारियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की जानकारी दी थी। इसके बाद भोलेश्वर मंदिर में भी व्यापारियों की बैठक हुई। वहां उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया गया। सतीश गर्ग ने बताया कि व्यापारी सुप्रीम कोर्ट में मार्मिक अपील के साथ याचिका दायर करेंगे। इसका उद्देश्य व्यापारियों को राहत दिलाना है। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने मुख्यमंत्री और सुप्रीम कोर्ट को नई भवन निर्माण एवं विकास उपविधि के अंतर्गत आपत्ति पत्र दाखिल किया है। मामले में अगली सुनवाई 27 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में होगी।