मऊ में एक महिला प्रधान अभिकर्ता ने अपने लाइसेंस नवीनीकरण में देरी और रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपा है। रम्भा चौहान, जो घोसी उपडाक घर से जुड़ी हैं, ने बताया कि उन्होंने अपनी एजेंसी के नवीनीकरण के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज 22 मई 2025 को जिला बचत अधिकारी कार्यालय, मऊ में जमा कर दिए थे। इसके बावजूद, उनकी एजेंसी का नवीनीकरण अब तक नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले आठ महीनों से वह लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन हर बार उन्हें टाल दिया जाता है। पहले उन्हें हर महीने लॉट जमा करने का पत्र दिया जाता था, लेकिन इस महीने वह पत्र भी जारी नहीं किया गया। रम्भा चौहान के अनुसार, यह एजेंसी ही उनकी जीविका का एकमात्र साधन है, जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण होता है। नवीनीकरण न होने के कारण उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि जिला बचत अधिकारी और कार्यालय सहायक बृजभान मौर्य द्वारा नवीनीकरण के नाम पर उनसे पैसे की मांग की जा रही है। चौहान ने अपनी आर्थिक असमर्थता भी बताई। यह भी उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी अभिकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर जिला बचत अधिकारी पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। इस पूरे मामले पर जिला बचत अधिकारी डॉ. शैलेश कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि रम्भा चौहान के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज है और उन्होंने पुलिस सत्यापन संबंधी दस्तावेज जमा नहीं किए हैं। डॉ. कुमार के अनुसार, रम्भा चौहान अपना काम करवाने के लिए ऐसे आरोप लगा रही हैं।