कानपुर में रामादेवी से गोल चौराहे तक 10.160 किलोमीटर लंबे मार्ग पर फोर लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद इस व्यस्त मार्ग पर यातायात का दबाव कम होगा। आम लोगों को जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी। क्योंकि अभी क्रॉसिंग बंद होने पर लंबा जाम लगता है, 10 मिनट की दूरी तय करने में घंटेभर लग जाते हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट कर इस परियोजना को मंजूरी मिलने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लगभग 988.30 करोड़ रुपए की लागत से एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कराया जाएगा। सांसद ने लिखे थे तीन पत्र सांसद रमेश अवस्थी ने इस 4-लेन एलिवेटेड ट्रैक को बनवाने के लिए नितिन गडकरी से दिल्ली स्थित ऑफिस में मिलकर भी चर्चा की थी। इसके अलावा 31 जनवरी 2026, 15 फरवरी 2025 और 12 दिसंबर 2024 को पत्र लिखकर इसे बनवाने की मांग की थी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कानपुर में पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-91 (NH-91) पर रामादेवी से गोल चौराहा तक 4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दे दी है। रेलवे क्रॉसिंग बंद होने पर लगता है जाम इस एलिवेटेड रोड पर कई रेलवे क्रॉसिंग हैं, जहां ट्रैफिक जाम लगता है। सांसद का कहना है- यह प्रोजेक्ट ट्रैफिक को एलिवेटेड रोड से गुजारकर शहर के प्रमुख जंक्शनों पर जाम को काफी हद तक कम करेगा। इससे पुराने NH-91 पर भारी जाम की समस्या दूर होगी। आने-जाने वालों का सफर समय कम होगा। सांसद ने कहा- यह परियोजना कानपुर के विकास में मील का पत्थर साबित होगी और शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक एवं सुगम बनाएगी। जाम की वजह से लगता है एक घंटे का समय 10 किलोमीटर लंबे इस रास्ते में फिलहाल एक घंटे का समय लगता है। अगर हम रास्ते मे प्रमुख जाम वाले स्थानों की बात करें तो रामादेवी से चलने के बाद टाटमिल, झकरकटी बस अड्‌डा, अफीम कोठी चौराहा, पापुलर धर्म काटा, जरीब चौकी, गुमटी क्रासिंग, कोकाकोला क्रासिंग हैं। इन स्थानों पर अक्सर जाम लगने की वजह से समय ज्यादा लगता है। इनमें से टाटमिल चौराहा, अफीम कोठी व जरीब चौकी में अक्सर लंबे समय तक घंटों जाम लगा रहता है। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें लावारिस लाश का अंतिम संस्कार, जिंदा आदमी मुर्दा बना:कानपुर में युवक का आधार, DL कैंसिल, अस्पताल बोला- मेरे बस में नहीं है कानपुर में जिंदा युवक को मुर्दा बनाने का मामला सामने आया है। लावारिस लाशों का अंतिम संस्कार कराने वाले जिंदा गौरव शाहू का स्वास्थ्य विभाग ने 12 सितंबर 2025 को डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया। इस बात की जानकारी गौरव को जनवरी महीने में हुई। जब उसका नाम राशन कार्ड से कट गया। गौरव ने कहा- मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल में लापरवाही से मुझे कागजों में मृत घोषित कर दिया गया। जब मैं सुधार कराने गया तो अस्पताल प्रशासन ने कह दिया कि “ये हमारे बस में नहीं है।” अब अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हूं। पढ़ें पूरी खबर…