अनूपशहर क्षेत्र में राशन सप्लाई के दौरान हुए जीपीएस फर्जीवाड़े के मामले में अब कार्रवाई तेज हो गई है। डिप्टी आरएमओ ने जांच रिपोर्ट के आधार पर आरएफसी को पत्र भेजकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। यह मामला लगभग छह दिन पहले का है, जब राशन वितरण के दौरान ट्रक से जीपीएस हटाकर एक बाइक पर लगा दिया गया था। आरोप है कि राशन डीलर के पास बाइक से जीपीएस ले जाकर जियो-फेंसिंग की गई, जबकि वास्तव में राशन किसी अन्य स्थान पर उतारा जा रहा था। मामले की जांच के दौरान मार्केटिंग इंस्पेक्टर को संबंधित वाहन में जीपीएस डिवाइस नहीं मिला, जिससे फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई। इसके बाद डिप्टी आरएमओ राजेश कुमार ने विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आरएफसी को भेजी और कार्रवाई की सिफारिश की। हालांकि, इस मामले में पहले दी गई तहरीर पर अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि एडीएम वित्त की ओर से रिपोर्ट लंबित होने के कारण एफआईआर की कार्रवाई रुकी हुई है। इस पूरे प्रकरण को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि गंभीर अनियमितता सामने आने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।