बलरामपुर में बिजली विभाग के अवर अभियंता (जेई) की लाइनमैन की पत्नी ने पिटाई कर दी। जिसका एक वीडियो सामने आया है। महिला का आरोप है कि जेई ने उसके पति को नौकरी से निकाल दिया। उसके बच्चे 4 माह से भूखे हैं। वीडियो सोमवार शाम करीब 4 बजे का बताया जा रहा है। महिला का कहना है कि परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। बच्चों के सामने रोटी का संकट है। कई बार विभाग में गुहार लगाई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई, उसने आरोप लगाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महिला को सूचना मिली थी कि जेई अजीत कुमार सिंह ग्राम पंचायत सचिवालय में बैठे हैं। वह पति को दोबारा काम पर रखने की मांग लेकर पहुंची थी। देखें 2 तस्वीरें… अब जानें पूरा मामला पूरा मामला हरैया सतघरवा क्षेत्र का है। जहां सचिवालय में ग्राम पंचायत ऑफिस में जेई को लाइनमैन की पत्नी ने पीट दिया। पहले वह बिनती करती रही कि मेरे पति को दोबारा नौकरी पर रख लीजिए। हम चार महीने से परेशान हैं। मेरे बच्चे भूखे हैं। लेकिन देखते ही देखते कहासुनी तेज हो गई। आरोप है कि गुस्से में महिला ने जेई पर हाथ उठा दिया। मौके पर मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। कुछ लोगों ने बीच-बचाव किया। घटना को लेकर विभागीय गलियारों से लेकर ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं। पिटाई करने वाली महिला की पहचान संविदा लाइनमैन मिश्रीलाल की पत्नी सुमन के रूप में हुई है। महिला का आरोप है कि उसके पति को चार महीने पहले बिना किसी नोटिस और स्पष्ट कारण के विभाग से हटा दिया गया। अवर अभियंता अजीत कुमार सिंह के कार्य व्यवहार को लेकर क्षेत्र में पहले भी नाराजगी सामने आ चुकी है। कुछ महीने पहले मणिपुर क्षेत्र में ग्रामीणों ने उनके खिलाफ प्रदर्शन कर हटाने की मांग की थी। कुकुरभुकवा कैसरगंज चौराहे पर भी कथित तौर पर उनके साथ हाथापाई की घटना हुई थी, जिसमें कुछ लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ था। हालांकि विभाग की ओर से इन मामलों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई थी। घटना के बाद जेई अजीत कुमार सिंह ने थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं मिश्रीलाल की ओर से भी प्रार्थना पत्र दिया गया है। थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। वीडियो की भी पड़ताल की जा रही है। तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। संविदा लाइनमैन लामबंद घटना के बाद जिले भर के संविदा लाइनमैन अपने साथी के समर्थन में लामबंद हो गए हैं। उनका कहना है कि बिना स्पष्ट कारण के संविदा कर्मियों को हटाना अन्याय है। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नियमों के तहत कार्रवाई की जाती है और पूरे मामले की जांच के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है। लेकिन इस घटना ने बिजली विभाग की कार्यशैली और संविदा कर्मियों की स्थिति को लेकर बहस जरूर छेड़ दी है। एक साल से परेशान करने का आरोप लाइनमैन मिश्रीलाल ने बताया कि जेई मुझे लगभग 1 साल से परेशान कर रहे थे। पूरा काम लेते थे उसके बावजूद हर महीने की सैलरी में कुछ दिन की सैलरी काट देते थे। उपस्थित पूरी दर्ज नहीं करते थे और जबकि मैं दिन-रात मेहनत करके क्षेत्र में बना रहता था। हर दिन ड्यूटी करता था। दिसंबर माह में भी मेरी 10 दिन की वेतन काट ली गई। जनवरी माह का पूरा वेतन नहीं दिया गया l लगभग 6 महीने से ऊपर हो गया कभी मुझे पूरा वेतन नहीं दिया गया पिछले महीने भी मेरी पत्नी इनसे मिलने गई और यह पूछने लगी कि आप उनका वेतन क्यों काट लेते हैं। उन्हें ड्यूटी से हटा देते हैं तब उन्होंने मेरी पत्नी को डांट कर भगा दिया। कल एक बार फिर मेरी पत्नी उनसे मिलने गई उनसे बात कर रही थी उनके पैरों पर गिरी, मिन्नतें कर रही थी, इसी दौरान इन्होंने पैर मारकर धकेल दिया इसके बाद मारपीट शुरू हो गई। जेई ने कहा- काम नहीं करता था जेई अजीत सिंह ने कहा लाइनमैन के द्वारा विभागीय कोई कार्य नहीं जाता है। जब उसे कार्य करने के भेजा जाता था तो वो कार्य नहीं करता था। विभागीय कार्य के प्रति लापरवाही बरतता था जिसके कारण उसे लगभग डेढ़ महीने पूर्व हटा दिया गया था। उन्होंने बताया कि कल मैं एसआईआर के काम से ग्राम सचिवालय चौधरीडीह में बैठा हुआ था। इसी बीच उनकी पत्नी मेरे पास आई और लाइनमैन को हटाने के बात पर बहस करने लगी जिस पर मैने उच्च अधिकारियों से बात करने के लिए कहा लेकिन वह नहीं मानी और मेरा कॉलर पकड़ के मुझे खींचने लगी फिर जो घटना हुई उसे सबने देखा। ---------------------------
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