लखनऊ में जानी-मानी पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र सिंह का हत्या के 6वें दिन अंतिम संस्कार कर दिया गया। बुधवार की सुबह भैंसाकुंड घाट बैकुंठ धाम पर उन्हें भतीजे कृत्य सिंह ने मुखाग्नि दी। वहीं, बेटा अक्षत हत्या के बाद जेल में बंद है। उसने पिता के सिर में गोली मारने के बाद उनका सिर काटकर जंगल में फेंक दिया था। मानवेंद्र की हत्या 20 फरवरी को सुबह 4:30 बजे की गई थी। आज 25 फरवरी को उनके भतीजे से अंतिम कर्म कराए गए। कर्मकांड के पंडित ने भतीजे से पुत्र का संकल्प करवाकर सारे कर्म करवाए। घाट पर मृतक का भतीजा कृत्य, छोटे भाई अरविंद सिंह के साथ कई रिश्तेदार पहुंचे। यहां पिता सुरेंद्र पाल सिंह अवस्था के चलते नहीं पहुंच पाए। अंतिम संस्कार के दौरान मृतक मानवेंद्र की डेडबॉडी से कवर नहीं हटाया गया। ऊपर से ही शव को नहलाया गया, रिश्तेदारों ने लकड़ियां रखीं। उसके बाद भतीजे कृत्य ने अग्नि लेकर चिता के चारों तरफ घूमते ही दाह संस्कार कर दिया। इस दौरान मृतक मानवेंद्र के भाई अरविंद सिंह बहुत रो रहे थे। 5 तस्वीरें देखिए… पढ़िए क्या है पूरा मामला आशियाना के एल सेक्टर में रहने वाले मानवेंद्र सिंह (49) में रहते थे। 20 फरवरी से वह लापता थे। बीकाम की पढ़ाई कर रहे उनके 21 साल के बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि अक्षत ने ही हत्या की है। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने हत्या करने की बात कबूल की। उसकी निशानदेही पर 23 फरवरी को मानवेंद्र का शव घर के कमरे में नीले ड्रम में मिला। उनके दोनों हाथ-पैर गायब थे। उसे काटकर उसने करीब 21 किलोमीटर दूर सदरौना में फेंका था। अक्षत की बहन 11वीं की छात्रा है। घटना के समय वह भी मौजूद थी। कारोबारी के अंतिम संस्कार के लाइव अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग पढ़िए…