उत्तर प्रदेश रोडवेज के संविदा कर्मचारियों ने मंगलवार को राजधानी में जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने स्वास्थ्य भवन चौराहे से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला और अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार और परिवहन निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में रोष है। मार्च के चलते कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। नौकरी सुरक्षा, वेतन विसंगति और नियमितीकरण प्रमुख मांगें संविदा कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से रोडवेज में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं मिल रही हैं और न ही वेतनमान में समानता है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि संविदा व्यवस्था को खत्म कर नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके अलावा वेतन वृद्धि, बकाया भुगतान, सेवा सुरक्षा, ड्यूटी घंटों में सुधार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ देने जैसी मांगें भी ज्ञापन में शामिल हैं। 13 सूत्रीय मांगों पर ठोस निर्णय की मांग कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण है, लेकिन यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने डीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपते हुए सरकार से हस्तक्षेप की मांग की। कर्मचारियों ने कहा कि वे सरकार से वार्ता के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाना चाहिए। प्रशासन को सौंपा ज्ञापन डीएम कार्यालय के अधिकारियों ने कर्मचारियों का ज्ञापन प्राप्त कर शासन स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया। फिलहाल कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।