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विद्यापीठ छात्र को मिली जान से मारने की धमकी, FIR:बोला- सोशल मीडिया पर की जा रही आपत्तिजनक पोस्ट, कुछ लोग कर रहे पीछा
Feb 23, 2026
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय के छात्र आशुतोष तिवारी हर्षित को जान से मारने की धमकी का मामला सामने आया है। छात्र हर्षित ने इस प्रकरण में सिगरा थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हर्षित का आरोप है कि पिछले 2-3 दिनों से उन्हें सोशल मीडिया पर धमकी और आपत्तिजनक टिप्पणी की जा रही है। साथ ही बाहर निकलने पर ऐसा लग रहा है कि कोई मेरा पीछा कर रहा है। सोशल मीडिया पर कर रहे भ्रामक पोस्ट महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के एमए पॉलिटिकल साइंस के छात्र आशुतोष तिवारी हर्षित ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया - विद्यापीठ से पढ़ रहा हूं और हास्टल में रहता हूं। पिछले 2-3 दिनों से कुछ अज्ञात लोगों द्वारा मेरे खिलाफ सोशल मीडिया पर मेरी फोटो का दुरुपयोग करके असत्य और भ्रामक और आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित की जा रही है। जान से मारने की दी जा रही है धमकी हर्षित ने बताया - इसके अलावा मुझे डायरेक्ट मैसेज और सोशल मीडिया की इन पोस्ट पर कमेंट करके लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। जिससे मै बहुत डरा हुआ हूं और मानसिक रूप से भी परेशान हूं। मेरे घर वाले भी इस तरह के कमेंट देख कर चिंतित हैं और सुरक्षा कारणों से मुझे घर आने को कह रहे हैं। लोग कर रहे हैं पीछा हर्षित ने बताया पिछले दिनों से बाहर निकलने पर ऐसा लगा रहा है कि कोई मेरा पीछा कर रहा है। ऐसे में हास्टल से निकलने में डर लग रहा है और मै किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले पा रहा हूं। ऐसे में मेरी प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई कीजिए पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू सिगरा थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने बताया - इस प्रकरण में मुकदमा दर्ज किया गया है। छात्र आशुतोष तिवारी की तहरीर की आधार पर बीएनएस की धारा 351(4) और आईटी एक्ट 67 में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। हम भ्रामक पोस्टों की जांच कर रहे हैं। और अकाउंट को चेक करवा रहे हैं। पान दरीबा चौकी इंचार्ज पर लगाया था गंभीर आरोप हाल ही में आशुतोष तिवारी हर्षित ने पान दरीबा चौकी इंचार्ज रोहित तिवारी पर चौकी पर पहुंचकर गंभीर आरोप लगाए थे। पान दरीबा रोड स्थित बकरामंडी को बूचड़खाना बताते हुए हर्षित ने बूचड़खाना चलवाने के एवज में पैसा लेने का आरोप चौकी इंचार्ज पर लगाया था। जबकि डीसीपी काशी जोन ने इस संबंध में साफ कहा था कि वह कोई बूचड़खाना नहीं बल्कि काफी पुरानी बकरा मंडी है।
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