सोनभद्र जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने बुधवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज्य गौड के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर एडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर दर्ज एफआईआर के विरोध में दिया गया।कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित इस ज्ञापन के माध्यम से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन में बताया कि ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों के साथ कुंभ के दौरान मौनी अमावस्या पर एक घटना हुई थी। उन्हें और उनके शिष्यों को स्नान करने से रोका गया तथा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।कुछ शिष्यों की चोटी खींचकर अपमानित करने जैसी अमर्यादित घटना भी सामने आई, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। इसके बाद शंकराचार्य,उनके शिष्यों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई,जिसे कांग्रेस ने प्रथम दृष्टया एकतरफा और दुर्भावनापूर्ण बताया है। ज्ञापन में कहा गया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता तथा धार्मिक संस्थाओं को अपने धार्मिक कार्यों के संचालन का मौलिक अधिकार प्रदान करते हैं। शंकराचार्य का पद सनातन परंपरा में सर्वोच्च आध्यात्मिक पदों में से एक है, और ऐसी कार्रवाई धार्मिक स्वतंत्रता व लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि शंकराचार्य और उनके शिष्यों के खिलाफ दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराई जाए। साथ ही, एफआईआर दर्ज कराने वाले व्यक्तियों की पृष्ठभूमि और उनके संभावित प्रेरक तत्वों का भी निष्पक्ष परीक्षण किया जाए। शिष्यों के साथ हुई अभद्रता और चोटी खींचने की घटना की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों या व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है। भविष्य में धार्मिक स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का भी अनुरोध किया गया है। मुख्य रूप से उपस्थित रहने वालों में राबर्ट्सगंज विधानसभा प्रत्याशी कमलेश ओझा, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य आशुतोष कुमार दुबे (आशु), नूरुद्दीन खान, कन्हैया पांडेय, मृदुल मिश्रा, जितेंद्र देव पांडेय, दयाशंकर देव पांडेय, रामेश्वर यादव, ज्यूत मौर्या, शीतला पटेल, तमेश्वर तिवारी, वंशीधर पांडे, बाबूलाल पनिका, रामसागर,मौजूद रहे।