सुल्तानपुर में स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ कथित दुर्व्यवहार और उत्पीड़न के मामले को लेकर जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भेजकर पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया कॉर्डिनेटर राजेश तिवारी ने इस दौरान कहा कि आदित्यनाथ सरकार एक कुचक्र रचकर पूज्य शंकराचार्य को फंसाने का प्रयास कर रही है, जो संपूर्ण सनातन का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक हिस्ट्रीशीटर के आरोप लगाने पर बीजेपी सरकार का यह प्रयास अत्यंत निंदनीय है। तिवारी ने आगे कहा कि शंकराचार्य को सच बोलने के लिए परेशान किया जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि यह मामला केवल एक संत का नहीं, बल्कि सनातन परंपरा और करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। इसमें माघ मास जैसे पावन अवसर पर शंकराचार्य को स्नान से वंचित किए जाने को धार्मिक अधिकारों का खुला हनन बताया गया है। साथ ही, पुलिस द्वारा कथित दुर्व्यवहार और झूठे मुकदमे दर्ज कर दबाव बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं। कांग्रेस ने मांग की है कि गैर-भाजपा शासित राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक स्वतंत्र समिति गठित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके अलावा, आरोपित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर कठोर कार्रवाई की जाए। वरिष्ठ नेता हरीश त्रिपाठी ने कहा कि धर्मगुरुओं के सम्मान से खिलवाड़ किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं होगा और सरकार तुरंत कार्रवाई करे। जफर खान ने चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला तो यह आंदोलन जनआंदोलन बनेगा और जवाब सड़कों पर दिया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान अतहर नवाब, राम किशोर, असलम अंसारी, हाजी फिरोज, विकास मिश्रा, मो मंसूर, अजय मिश्रा, दिनेश तिवारी, मोहसिन सलीम, इकराम खान, अवधेश गौतम, विनय कुमार, महेश सिंह, आलोक पाण्डेय, जनेश्वर उपाध्याय, अखंड मिश्रा समेत कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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