बच्चों के यौन शोषण मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से अभी तक प्रयागराज पुलिस ने पूछताछ नहीं की है। पुलिस 3 दिन से काशी में डेरा जमाए है। हालांकि, अभी आश्रम नहीं पहुंची है। सूत्रों के मुताबिक, प्रयागराज पुलिस अभी शंकराचार्य से जुड़े सबूत जुटा रही है। क्योंकि, मामला हाईप्रोफाइल है, इसलिए फूंक-फूंककर कदम रख रही है। होमवर्क पूरा होने के बाद ही पुलिस शंकराचार्य और उनके शिष्य से पूछताछ करेगी। बुधवार को शंकराचार्य ने एक बार फिर मीडिया से बात की। उन्होंने कहा- हिंदुत्व खतरे में है। जब केवल ड्रेस पहनकर लोग अपने आप को हिंदू बताने लगेंगे, खुद को हिंदू-हिंदू कहेंगे तो हिंदू को खतरा तो हो ही जाएगा। हिंदुत्व को हिंदुओं के बीच घुस गए ऐसे लोगों से खतरा है, जो हिंदू नहीं हैं, सिर्फ दिखाने के लिए खुद को हिंदू-हिंदू कह रहे हैं। उन्होंने कहा- एक-डेढ़ महीने से कहा जा रहा है कि और भी छात्रों का यौन शोषण हुआ है। अगर ऐसा है तो बाकी को क्यों बचा कर रखा है। अगर किसी के साथ अन्याय हुआ है, सिर्फ दो से मुकदमा करा दिया, इसी से पता चलता है कि इसके पीछे साजिश है। जब उनको मुफीद होगा, तो उसे पेश करेंगे। वहीं, कांग्रेस शंकराचार्य के समर्थन में उतर आई है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में शंकराचार्य के समर्थन में कांग्रेस प्रदर्शन करेगी। जानिए पूरा मामला प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ। इसके 8 दिन बाद 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। इसमें माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की गई। 13 फरवरी को दो बच्चों को कोर्ट में पेश किया। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई। FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात आरोपी बनाए गए। 24 फरवरी को शंकराचार्य ने प्रयागराज एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। अविमुक्तेश्वरानंद यौन शोषण केस से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…