बलरामपुर पुलिस ने गुमशुदा बच्चों की तलाश, उनकी सुरक्षित बरामदगी और पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए 'ऑपरेशन खोज' नामक विशेष अभियान शुरू किया है। यह अभियान 21 फरवरी से 07 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसके तहत जिलेभर में सघन चेकिंग, जन जागरूकता और निरीक्षण की व्यापक कार्रवाई की जा रही है। यह अभियान बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में चलाया जा रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय इसका नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि पुलिस उपाधीक्षक ज्योति श्री नोडल अधिकारी के रूप में मार्गदर्शन प्रदान कर रही हैं। मुख्यालय महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों का पालन करते हुए, थानाध्यक्ष सूरज कुमार, हेड कांस्टेबल रूपेश कुमार, कांस्टेबल असलम सिद्दीकी और कांस्टेबल श्याम बहादुर शर्मा की संयुक्त टीम ने अभियान को जमीनी स्तर पर लागू किया। अभियान के दौरान, पुलिस टीमों ने थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के बस स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर व्यापक चेकिंग की। थाना कोतवाली देहात क्षेत्र में भगवतीगंज रेलवे स्टेशन, नहरबालागंज और भगवतीगंज चौराहे पर भी संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी गई। इसके अतिरिक्त, रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों, बाल गृहों और आश्रय गृहों का भौतिक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। पुलिस टीम ने जन जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया। दुकानदारों, राहगीरों और आम जनता से संवाद स्थापित कर उन्हें गुमशुदा बच्चों की पहचान के तरीकों, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की प्रक्रिया और बाल सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान, टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों जैसे 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), 112 (आपातकालीन सेवा), 1930 (साइबर हेल्पलाइन), 1090 (महिला हेल्पलाइन), 1076 (जनसुनवाई), 108 (एंबुलेंस सेवा) और 181 (महिला सहायता) की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई। जनपद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को कोई बच्चा संदिग्ध परिस्थिति में दिखाई दे या किसी गुमशुदा बच्चे के संबंध में कोई जानकारी मिले, तो तत्काल संबंधित हेल्पलाइन नंबर पर सूचित करें।