सीतापुर में एक निजी अस्पताल की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। रामकोट थाना क्षेत्र के कांशीराम कॉलोनी स्थित जीवन हॉस्पिटल पर परिजनों ने मरीज के ऑपरेशन के बाद लापरवाही से इलाज करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि हालत बिगड़ने पर अस्पताल प्रबंधन ने जिम्मेदारी से बचते हुए मरीज को लखनऊ रेफर कर दिया। पीड़ित परिवार के अनुसार, मरीज विलियम नगर निवासी सिराज को पेट में आंतों के उतरने से संबंधित गंभीर समस्या के चलते जीवन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद ऑपरेशन की सलाह दी और परिजनों से करीब 55 हजार रुपये इलाज के नाम पर ले लिए गए। ऑपरेशन के बाद शुरू में हालत सामान्य बताई गई, लेकिन 24 घंटे बाद ही मरीज की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि मरीज की स्थिति गंभीर होने के बावजूद निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने उचित इलाज नहीं किया। जब मरीज की हालत और ज्यादा खराब हो गई तो उसे तत्काल बेहतर इलाज देने के बजाय लखनऊ रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन मरीज सिराज को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उसका इलाज शुरू किया गया। पीड़ित परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते सही इलाज किया जाता तो मरीज की हालत इतनी गंभीर नहीं होती। उन्होंने निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही, गलत उपचार और मोटी रकम वसूलने का आरोप लगाया है। परिजनों ने इस मामले में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की मांग की है। उधर, जिला अस्पताल में मरीज का इलाज जारी है और चिकित्सक उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मामले की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा तथ्यों की पड़ताल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निजी अस्पतालों में इस तरह की लापरवाही के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से ऐसे अस्पतालों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। परिवार ने मांग की है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।