सीतापुर के महोली कोतवाली क्षेत्र के पाल्हापुर गांव में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक ने एक दिन पहले भी फांसी लगाने का प्रयास किया था, लेकिन परिजनों ने उसे बचाकर चारपाई से बांध दिया था। रविवार को उसका शव गांव के बाहर एक बाग में साड़ी से लटका मिला। पेड़ से लटका शव दोपहर में ग्रामीणों ने देखा। तत्काल लोगों ने मृतक के परिवार को सूचना दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के साथ फारेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्यों को इकट्‌ठा कर मामले की जांच शुरु कर दी। पढ़िए पूरी घटना… मृतक की पहचान मोनू (27) पुत्र स्व. मनोहर लाल के रूप में हुई है। शनिवार को मोनू ने शराब के नशे में परिजनों से झगड़ा किया था। इसके बाद उसने घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। परिजनों ने उसे फंदे पर झूलने से पहले ही पकड़ लिया और आत्महत्या करने से रोकने के लिए चारपाई से बांध दिया था। देर रात मोनू किसी तरह बंधन से छूट गया और घर से बाहर भाग गया। परिजनों ने उसे तलाशने का प्रयास किया, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। रविवार सुबह गांव के बाहर पूरब की ओर शोभा दीक्षित पत्नी अनिल दीक्षित की बाग में उसका शव साड़ी से लटका हुआ पाया गया। पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा शव सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम के पहुंचने के बाद पुलिस ने शव को पेड़ से उतारा। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि मोनू कई माह पहले जेल से छूटकर आया था। इससे पहले वह लखीमपुर जिले में नौकरी करता था, जहां एक मामले में नामजद होने के बाद उसे जेल हुई थी। जेल से छूटने के बाद उसने शराब पीना शुरू कर दिया था। बड़ागांव चौकी प्रभारी जीतेंद्र सिंह ने बताया कि शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।