यूपीएसटीएफ ने लखनऊ के कैंट इलाके से सेना भर्ती के नाम पर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी मेडिकल टेस्ट में फेल हुए युवकों को टारगेट करता था। दोबारा टेस्ट में भेजने से पहले ड्यूराबोलिन का इंजेक्शन लगवाता। जिससे उनकी कांपने की कमी पकड़ में न आए। एसटीएफ गैंग से जुड़े अन्य की तलाश कर रही है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ और आसपास के जिलों में सेना में भर्ती कराने के नाम पर बेरोजगार युवकों से ठगी की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायत की जांच पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ दीपक कुमार सिंह की टीम कर रही थी। लड़कों को गुमराह कर उनसे अवैध वसूली इस दौरान मंगलवार को सूचना मिली कि सेना भर्ती के इच्छुक लड़कों को गुमराह कर उनसे अवैध वसूली करने वाला युवक एक लड़के से उसके दस्तावेज लेने आने वाला है। सूचना पर एसटीएफ टीम ने उस्मान चौक और सदर के बीच कैंट क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी की पहचान छिबरामऊ कन्नौज के रहने वाले आलोक तिवारी के रूप में हुई। मेडिकल पास कराने के नाम पर वसूली पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह भर्ती सेंटर के आसपास निगरानी करता था और मेडिकल टेस्ट में पहली बार फेल हुए युवकों को निशाना बनाता था। उन्हें मेडिकल पास कराने का झांसा देकर एक से डेढ़ लाख रुपए तक वसूलता था। आरोपी एक बार में 7 से 8 लड़कों की जिम्मेदारी लेकर उनकी तैयारी करवाता था। जिन युवकों के हाथ कांपते थे। उन्हें मेडिकल टेस्ट से करीब एक घंटे पहले ड्युराबोलिन का इंजेक्शन लगवाता था। जिससे कांपना बंद हो जाता था। जिनके कान में समस्या होती थी। उनका कान साफ करवाकर दोबारा मेडिकल में भेज देता था। टेस्ट निकलने के बाद पूरे रुपए लेता आरोपी ने बताया कि जो युवक मेडिकल टेस्ट पास कर जाते थे। उनके पूरे पैसे रख लेता था। वहीं जो पास नहीं होते थे उनके पैसे में से 10-20 हजार रुपए काटकर बाकी रकम लौटा देता था ताकि कोई शिकायत न करे। वहीं वह युवकों की ओरिजनल मार्कशीट भी अपने पास रख लेता था। जिससे वे बिना पैसे दिए वापस न जा सकें। एसटीएफ आरोपी से पूछताछ कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
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