हाथरस में समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्व प्रत्याशी रामनारायण काके के नेतृत्व में मोहल्ला मधुगढी़ स्थित होटल संचालक शहाबुद्दीन अंसारी के आवास पर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने अंसारी परिवार से कथित चौथ वसूली और मारपीट की घटना के संबंध में जानकारी ली। निजाम होटल के संचालक शहाबुद्दीन अंसारी और उनके दोनों बेटों ने बताया कि 21 फरवरी की शाम को कुछ लोग उन्हें घर से उठाकर ले गए थे। उनसे चौथ मांगी गई और पैसे न देने पर लाठी-डंडों से मारपीट की गई। जान से मारने की नीयत से तमंचा मुंह पर तान दिया गया। यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने उन्हें होटल में थूक लगाकर रोटी बेचने का झूठा आरोप लगाकर वीडियो वायरल करने की धमकी दी। बाद में उन्हीं लोगों ने उन्हें थाने में बैठा दिया, जबकि उनकी कोई गलती नहीं थी। पुलिस ने मामले की जांच भी नहीं की। अंसारी परिवार का आरोप है कि सत्ता पक्ष के संरक्षण प्राप्त गुंडों ने उनसे जबरदस्ती झूठ बुलवाने की कोशिश की, लेकिन जब उन्होंने मना किया तो उनका बुरा हाल कर दिया गया। समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं आए दिन होती रहती हैं और पुलिस प्रशासन को ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने घोषणा की कि वे शीघ्र ही हाथरस के पुलिस अधीक्षक से परिजनों के साथ मुलाकात करेंगे और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे। यह रहे मुख्य रूप से मौजूद... इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व शहर अध्यक्ष हेमंत गौड़, पूर्व महासचिव डॉक्टर राधेश्याम रजक, शहर अध्यक्ष मदन मोहन, चिंकू शर्मा, अकील कुरैशी, सहवाज खान, मोहित कश्यप, नरेश कुमार दिवाकर, विनोद कुशवाहा, नेमपाल प्रजापति, आजाद कुरेशी, अशोक शर्मा, मनीष चौधरी, राहुल सागर, रामकुमार उर्फ गुड्डा पुजारी, योगेश समाधिया और पिंटू दिवाकर आदि शामिल थे।