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खाद्य विभाग ने 13.56 लाख की सामग्री जब्त की:छोटे व्यापारियों पर कार्रवाई, खुले में मांस विक्रेताओं पर भेदभाव का आरोप
TLN
Editorial Team
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने होली से पहले जनपद में सघन जांच अभियान चलाया है। इस दौरान 13.56 लाख रुपये मूल्य की खाद्य सामग्री जब्त की गई। यह कार्रवाई मिलावटखोरी रोकने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की जा रही है। अभियान के तहत कुमारगंज क्षेत्र के विभिन्न डेयरी और मिठाई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई। सहायक आयुक्त (खाद्य) मानिक चंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित सचल दल ने यह कार्रवाई की, जिसमें खाद्य सुरक्षा अधिकारी शरद पाल और अजय कुमार सोनी शामिल थे।
दिशा डेयरी, कुमारगंज से खोया और पनीर के नमूने लिए गए। यहां से लगभग 800 किलोग्राम खोया जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 2,88,000 रुपये है। शिवम डेयरी से राजभोग का नमूना लेते हुए 85 किलोग्राम राजभोग (मूल्य 29,750 रुपये) जब्त किया गया। इसके अतिरिक्त, 4,500 रुपये मूल्य का पनीर नष्ट कराया गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. पी.के. त्रिपाठी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार साहू और नंद किशोर यादव ने सत्यम मोदनवाल की दुकान से बर्फी, डोडा बर्फी और छेना रसगुल्ला के नमूने लिए। इस दौरान 214 किलोग्राम छेना (मूल्य 25,680 रुपये) नष्ट कराया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विवेक कुमार मौर्य ने मिश्रित दूध का और जयदीप मौर्य ने रबड़ी का नमूना संग्रहित किया।
इस अभियान के तहत अब तक कुल 41 नमूनों को जांच के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया है। कुल 96 किलोग्राम पनीर और खोया (मूल्य 71,580 रुपये) नष्ट कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि त्योहार तक यह अभियान जारी रहेगा। इस बीच, स्थानीय व्यापारियों ने विभाग पर छोटे दुकानदारों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कुमारगंज बाजार के गिरजा मोड़ से पश्चिम पट्टी, अयोध्या-रायबरेली हाईवे पर खुले में बकरा और मुर्गे का मांस बेचा जा रहा है, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। व्यापारियों ने मांग की है कि सभी पर समान रूप से कार्रवाई की जाए और पशुओं के वध से पहले अनिवार्य चिकित्सीय परीक्षण होना चाहिए लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। विभाग जानकर अनजान बन बैठा है।
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