उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में विद्युत वितरण खंड-बिंदकी के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन पर क्यूआर कोड के माध्यम से रिश्वत लेने और अभद्र व्यवहार सहित कई गंभीर आरोप हैं। राजेश कुमार पर पद का दुरुपयोग कर अवैध रूप से रिश्वत लेने का आरोप है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अधीनस्थ कर्मचारियों पर स्थानांतरण, निलंबन और अनुशासनात्मक कार्रवाई का भय दिखाकर नियम विरुद्ध कार्य कराने का दबाव बनाया। आरोप है कि उन्होंने अपने सीयूजी और निजी नंबरों पर क्यूआर कोड भेजकर ठेकेदारों और उपभोक्ताओं से निजी कार्यों के लिए रिश्वत ली। अधिशासी अभियंता पर उच्चाधिकारियों, समकक्ष अधिकारियों और अधीनस्थों के प्रति अभद्र एवं असंसदीय भाषा का प्रयोग करने का भी आरोप है। इस व्यवहार को कर्मचारी आचरण नियमावली-1656 का उल्लंघन माना गया है। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के बाद पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शंभु कुमार ने उन्हें निलंबित किया। निलंबन अवधि के दौरान राजेश कुमार को मुख्य अभियंता (विद्युत), आजमगढ़ क्षेत्र से संबद्ध किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इस मामले में आगे की जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।