जर्मनी से फिरोजाबाद आई बारात:गुस्ताव ने खुशी के नाम की मेंहदी लगाई, सात फेरे लिए; शादी नें चार ट्रांसलेटर भी आए
21 February 2026
जर्मनी से फिरोजाबाद आई बारात:गुस्ताव ने खुशी के नाम की मेंहदी लगाई, सात फेरे लिए; शादी नें चार ट्रांसलेटर भी आए
फिरोजाबाद की खुशी ने जर्मन लड़के गुस्ताव से भारतीय रीति-रिवाज से शनिवार को शादी की। दोनों एक साल से रिलेशनशिप में थे। गुस्ताव का परिवार शादी में शामिल होने के लिए जर्मनी से भारत आया। दूल्हा गुस्ताव शेरवानी और साफा में पूरी तरह भारतीय रंग में रंगे नजर आए। खास बात यह रही कि उन्होंने अपने हाथों में दुल्हन खुशी के नाम की मेहंदी रचाई। दुल्हन खुशी लाल जोड़े में बेहद सुंदर दिखीं। वरमाला, सात फेरे और विदाई सहित सभी रस्में हिंदू परंपरा से हुईं। विदेशी मेहमानों ने भारतीय संस्कृति को करीब से देखा और सभी रस्मों में भाग लिया। भाषा की समस्या न हो, इसके लिए चार ट्रांसलेटर भी रखे गए थे। जानिए कैसे शुरू हुई प्रेम कहानी दुल्हन की चाची ज्योति ने बताया कि खुशी और गुस्ताव दोनों एक जर्मन कंपनी में काम करते हैं। खुशी जयपुर में ही पोस्टेड है, जबकि गुस्ताव जर्मनी में काम करता है। एक साल पहले गुस्ताव कंपनी के काम से ही जयपुर आया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात खुशी से हुई थी। खुशी की जर्मन काफी अच्छी है। इससे गुस्ताव को भारत में काफी आसानी हुई। दोनों धीरे-धीरे एक दूसरे के करीब आ गए। बात आगे बढ़ी और प्रेम के बाद शादी तक पहुंची। दोनों की इंगेजमेंट ग्रीन पार्क में हुई। तीन दिन के प्रोग्राम में गुरुवार को हल्दी और मेहंदी का कार्यक्रम हुआ, इसके बाद शुक्रवार को कॉकटेल पार्टी भी रखी गई, जिसमें गुस्ताव ने खूब आनंद लिया। हमारी बेटी जर्मन भाषा अच्छी तरह जानती हैं, और बाकी मेहमानों के लिए भाषा की समस्या से बचने के लिए फूड ट्रांसलेटर की भी व्यवस्था की गई थी। गुस्ताव ने कहा- यहां के लोग बहुत मिलनसार गुस्ताफ ने कहा कि भारत एक बड़ा और विविधताओं वाला देश है। यहां लोग हर जगह अलग हैं, और हर शहर का अपना तरीका और व्यवहार है। कभी-कभी किसी विदेशी के सामने लोग बहुत औपचारिक लगते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग, खासकर परिवार, बहुत ही स्वागतशील और दिल से मिलनसार होते हैं। यही चीज उन्हें भारत में सबसे अच्छी लगी। भारत और भारतीय लोगों का अनुभव शब्दों में बयां करना मुश्किल है। बड़े देश और छोटे शहर जैसे पिहाम या शिकोहाबाद में प्रदूषण और ट्रैफिक कम है और लोग सहज और मिलनसार हैं। यह का अनुभव बहुत ही प्यारा रहा।
खुशी की चाची ज्योती ने बताया कि खुशी का पूरा परिवार कई साल पहले फिरोजाबाद से जयपुर शिफ्ट हो गया था। खुशी के पिता वहीं पर एक पा्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। खुशी की पढ़ाई लिखाई भी वहीं हुई है। खुशी ने बीटेक और एमबीए किया है। शादी में स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए और नवदंपति को आशीर्वाद दिया। दोनों परिवारों ने एक-दूसरे को गले लगाकर खुशियां साझा की। गुस्ताव और खुशी की जोड़ी ने हाथ थामकर नए जीवन की शुरुआत की और यह संदेश दिया कि प्रेम की कोई सीमा नहीं होती न भाषा की, न देश की। ----------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- झांसी में MBA पास भाई को न्यूड करके दफनाया:कपड़े धुलकर रखे; पकड़ा न जाए, इसलिए फोन जंगल में जलाया झांसी में गाली देने पर छोटे भाई ने MBA पास बड़े भाई की हत्या कर दी। हत्या के बाद पकड़ा न जाए, इसलिए एक-एक सबूत मिटाने का पूरा प्लान बनाया। घर के पिछले हिस्से में 5 फीट गहरी कब्र खोदी और लाश को न्यूड कर दफना दिया। पढ़ें पूरी खबर…
पाठकों की राय