यमुनानगर की महिला से यूपी में मारपीट:पति ने तीन तलाक बोलकर भेजा नोटिस, बच्चे से किया दूर, बाइक की मांग
February 19, 2026 | Uttar Pradesh
यमुनानगर जिले में दहेज प्रताड़ना, घरेलू हिंसा और तीन तलाक से जुड़ा एक मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यूपी निवासी उसके पति और ससुराल पक्ष ने उसे दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया, कई बार भूखा रखा और पहली बाइक बेचकर दूसरी मोटरसाइकिल की मांग को लेकर मारपीट की। विरोध करने पर पति ने तीन तलाक देकर उसे घर से बेदखल कर दिया और नाबालिग बेटे को भी अपने पास रख लिया, जिसके बाद पीड़िता न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। पुलिस ने महिला की शिकायत पर आरोपी के पति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। भूखा रखकर घरेलू सुविधाओं के प्रयोग से रोका शिकायतकर्ता शबनम खातून निवासी गोल्डनपुरी ने अपनी शिकायत में बताया कि उसका निकाह 2 दिसंबर 2013 को वसीम अली निवासी गांव जोला जिला मुजफफर नगर यूपी के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से यमुनानगर में हुआ था। निकाह के समय उसके परिवार ने लगभग 9 लाख रुपये खर्च कर दहेज में नकद राशि, सोना-चांदी के गहने, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान और मोटरसाइकिल आदि दिया था। शादी के कुछ समय बाद ही पति, ससुर और सास ने दहेज को लेकर ताने देना शुरू कर दिया और मायके से और पैसे लाने का दबाव बनाने लगे। गर्भवती होने के बाद उसके साथ व्यवहार और ज्यादा क्रूर हो गया, मारपीट की गई, कई बार भूखा रखा गया तथा घरेलू सुविधाओं का उपयोग करने से भी रोका गया। किराए के मकान में रहने लगी शिकायतकर्ता के अनुसार मार्च 2014 में दहेज की मांग पूरी न होने पर उसे ससुराल से निकाल दिया गया। बाद में पंचायत के हस्तक्षेप से वह पति के साथ यमुनानगर में किराए के मकान में रहने लगी, जहां 1 दिसंबर 2014 को उसने बेटे मोहम्मद सादिक को जन्म दिया। बच्चे के जन्म पर भी ससुराल पक्ष संतुष्ट नहीं हुआ और दहेज की मांगें जारी रही। पति पर अस्पताल में एक महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ का आरोप लगा, जिसका समझौता शिकायतकर्ता के परिवार ने पैसे देकर कराया, लेकिन इसके बाद भी पति का व्यवहार नहीं बदला और मारपीट व पैसों की मांग जारी रही। तीन तलाक बोलकर भेजा नोटिस शिकायत में कहा कि पति हर महीने मायके से पैसे लाने का दबाव डालता था, देवर-ननदोई सहित अन्य ससुरालीजन भी उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते थे। पति ने मोटरसाइकिल बेचने के बाद दूसरी मोटरसाइकिल की मांग की और धमकी दी कि अवैध काम करके उसके भाइयों को झूठे केस में फंसा देगा। पुलिस में शिकायत देने पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और समझौते के नाम पर मामला दबा दिया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बाद में प्लॉट खरीदने के नाम पर उससे पैसे लिए गए और रजिस्ट्री के दौरान धोखे से पति के पक्ष में स्थिति बनाने की कोशिश की गई। विरोध करने पर पति ने तीन तलाक बोल दिया और तलाक का नोटिस भेज दिया। बच्चे को पति ले गया साथ इसके बाद ससुराल पक्ष ने योजनाबद्ध तरीके से उसके नाबालिग बेटे को उससे अलग कर दिया। 20 नवंबर 2024 को उसे बुरी तरह पीटा गया, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। फिर पति घर बदलकर सारा सामान और बच्चे को साथ ले गया तथा स्कूल में भी उसके खिलाफ लिखित दे दिया, जिससे वह बच्चे से नहीं मिल सकी। शिकायतकर्ता का कहना है कि ससुराल पक्ष ने दहेज का सारा सामान और स्त्रीधन हड़प लिया तथा बच्चे को भी उससे दूर रखा। पुलिस में बयान देने के बावजूद पति ने बच्चा वापस नहीं किया और सोशल मीडिया पर बयानबाजी की। उसने अदालत में खर्च का केस भी किया, जिसमें पति पेश नहीं हो रहा।