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₹590 करोड़ बैंक घोटाले में मैनेजर सहित 4 गिरफ्तार:हरियाणा सरकार को 7 महीने पहले लगी थी भनक; ACS ने लेटर भेज अलर्ट किया
TLN
Editorial Team
हरियाणा के सरकारी डिपार्टमेंट के खातों में 590 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। बुधवार को पंचकूला में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के चीफ एएस चावला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। आरोपियों को सात दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उन्होंने बताया कि 23 फरवरी को पंचायत विभाग से एक लेटर मिला था, जिसमें गबन की जानकारी दी गई थी। इसके बाद एसीबी में मुकदमा नंबर 4 दर्ज किया गया। इस मामले में एसीबी ने देर रात रिभव ऋषि और अभय को गिरफ्तार किया। रिभव IDFC बैंक का मैनेजर है, जबकि अभय बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर था। इन्होंने ही इस घोटाले की प्लानिंग की थी। दोनों को एसीबी ने राउंड अप किया गया। जांच में पता चला कि एक स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट के खाते में करीब 300 करोड़ रुपए गए थे। इसके अलावा, AU स्मॉल फाइनेंस बैंक में भी पैसा गया। अभय की पत्नी के भाई अभिषेक को भी एसीबी ने गिरफ्तार किया है। वहीं, इस फ्रॉड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सरकार को पिछले साल जुलाई में ही इस गड़बड़ी की भनक लग गई थी। इसे लेकर वित्त विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) ने सभी विभागों को लेटर लिखकर अलर्ट भी किया था। ACS के लेटर में गड़बड़ी को लेकर क्या लिखा… अब 3 पाइंट में समझिए गड़बड़ की तीन कड़ी… स्टॉक एक्सचेंज को लिखे लेटर से खुला घोटाला IDFC बैंक ने खुद स्टॉक एक्सचेंज को फरवरी माह में पत्र लिखकर 590 करोड़ रुपए का फ्रॉड होने का खुलासा किया। इसके बाद हरियाणा सरकार के IAS अफसरों में हड़कंप मच गया। क्योंकि इस चोरी का पता हरियाणा सरकार के वित्त विभाग को साल 2025 में ही चल गया था। लेकिन चोरी पकड़ में आने के बावजूद इसकी जांच नहीं खोली गई। जिसका नतीजा है कि इतने बड़े फ्रॉड को अंजाम दिया गया है। अरुण गुप्ता की अध्यक्षता में कमेटी बनी घोटाले के मामले में गर्वनर के आदेश पर हाई-लेवल जांच कमेटी बनाई गई है। कमेटी की अध्यक्षता वित्त विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता करेंगे। इनके अलावा, पंचायत विभाग के डायरेक्टर अनीश यादव, पंचकूला नगर निगम के कमिश्नर विनय कुमार और HPSC के डिप्टी सचिव सतीश कुमार भी शामिल हैं। कमेटी IDFC बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक को पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया और मंजूरी की जांच करेगी। कमेटी यह भी पता लगाएगी कि किन लोगों ने इन बैंकों में पैसे भेजने की अनुमति दी थी। कमेटी यह भी देखेगी कि राज्य सरकार की बैंकिंग नीति इन दोनों बैंकों के लिए सही थी या नहीं। आगे के लिए नई नीति कैसे बनानी है, इस पर भी काम होगा। साथ ही, इस मामले में कौन लोग जिम्मेदार हैं, यह भी पता लगाया जाएगा। इस पूरी जांच के लिए कमेटी को एक महीने का समय दिया गया है। ACS का वो लेटर, जिसमें इंटरनल ऑडिट को कहा गया… ------------------ यह खबर भी पढ़ें… हरियाणा में ₹590 करोड़ घोटाले में हाई-लेवल जांच कमेटी बनी: IAS अफसर अरुण गुप्ता लीड करेंगे; सरकारी विभागों के अकाउंट से पैसों की हेराफेरी हुई हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के बैंक अकाउंट से 590 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में गर्वनर के आदेश पर हाई-लेवल जांच कमेटी बनाई गई है। कमेटी की अध्यक्षता वित्त विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता करेंगे। (पूरी खबर पढ़ें)
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