जेफरी एपस्टीन (Jeffrey Epstein) मर चुके हैं। वे 10 अगस्त 2019 को अमेरिकी जेल में आत्महत्या करते पाए गए थे (आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार), हालांकि उनकी मौत को लेकर कई षड्यंत्र सिद्धांत (conspiracy theories) फैले हुए हैं कि उन्हें मारा गया या वे जिंदा हैं। लेकिन कोई विश्वसनीय सबूत नहीं है कि वे अभी जिंदा हैं।
पवन खेड़ा (कांग्रेस प्रवक्ता) ने हाल ही में (फरवरी 2026 में) Epstein Files (एपस्टीन से जुड़ी जारी फाइलों/ईमेल्स) पर प्रेस कॉन्फ्रेंस और बयानों में कहा था कि "जिंदा है एपस्टीन!" — लेकिन यह शाब्दिक रूप से नहीं, बल्कि व्यंग्यात्मक या राजनीतिक तरीके से। वे कह रहे थे कि एपस्टीन के प्रभाव/फाइलों/संबंधों का असर आज भी "जिंदा" है, खासकर मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए (जैसे विदेश नीति, हार्दीप पुरी, ट्रेड डील आदि से जुड़े दावे)।
उनका एक वीडियो टाइटल/क्लिप में ठीक यही वाक्य है: "जिंदा है एपस्टीन!... ऐसे-ऐसे खुलासे, सुनकर खून खौल उठेगा!" — यह Epstein Files में मोदी सरकार पर उनके आरोपों के संदर्भ में था, मौत की बात नहीं।
संक्षेप में:
एपस्टीन की मौत 2019 में हुई, आज (2026) वे जिंदा नहीं हैं।
पवन खेड़ा का बयान राजनीतिक हमला था Epstein के "legacy" या प्रभाव पर, न कि literal जिंदा होने पर।