INDIA EDITION
--- VIEWS

पश्चिम बंगाल की फाइनल वोटर लिस्ट आज पब्लिश होगी:दो बार तारीख बढ़ी; SIR के बाद ड्राफ्ट रोल में 58 लाख नाम कटे थे

TLN

                 पश्चिम बंगाल की फाइनल वोटर लिस्ट आज पब्लिश होगी:दो बार तारीख बढ़ी; SIR के बाद ड्राफ्ट रोल में 58 लाख नाम कटे थे
पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(SIR) के बाद फाइनल वोटर लिस्ट आज पब्लिश होगी। राज्य में 27 अक्टूबर 2025 से SIR की प्रक्रिया जारी है। इससे पहले 16 दिसंबर को राज्य की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हुई थी। इसमें से बंगाल में 58 लाख 20 हजार 898 वोटरों के नाम हटाने के लिए चिह्नित किए गए थे। बंगाल की फाइनल वोटर लिस्ट इससे पहले 14 फरवरी को पब्लिश की जानी थी। लेकिन कार्य पूरा ना होने के कारण इसे पहले 21 फरवरी और फिर 28 फरवरी किया गया। इससे पहले 8 राज्यों की लिस्ट आई 23 फरवरी- तमिलनाडु में कुल 5.67 करोड़ वोटर के नाम हैं। इस प्रोसेस में करीब 74 लाख लोगों के नाम काटे गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… 21 फरवरी- मध्य प्रदेश में कुल 5,39,81,065 वोटर के नाम दर्ज हैं। इस प्रक्रिया में राज्य में 34,25,078 वोटर के नाम कट चुके हैं। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान में 5,15,19,929 वोटर के नाम हैं। राज्य में 31,36,286 वोटर के नाम कट गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… छत्तीसगढ़ में कुल 1,87,30,914 वोटर दर्ज हैं। ड्राफ्ट लिस्ट के मुकाबले फाइनल लिस्ट में 2,34,994 नए वोटर बढ़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… केरल में कुल 2,69,53,644 वोटर्स हैं, जबकि पिछले साल अक्टूबर में SIR शुरू होने से पहले 2,78,50,855 वोटर्स थे। 17 फरवरी- गुजरात की फाइनल वोटर लिस्ट के बाद राज्य में कुल 4,40,30,725 वोटर दर्ज हैं। 14 फरवरी- केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 9,44,211 मतदाता और लक्षद्वीप में कुल 57,607 मतदाता रजिस्टर्ड हैं। 10 फरवरी: असम में फाइनल लिस्ट पब्लिश EC ने असम में हुए स्पेशल रिवीजन (SR) 2026 के तहत फाइनल वोटर लिस्ट जारी की थी। EC के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की तुलना में 2.43 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए हैं। अब राज्य में कुल 2,49,58,139 वोटर्स रजिस्टर्ड हैं। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या 2,52,01,624 थी। स्पेशल रिवीजन प्रक्रिया के बाद लिस्ट में 2,43,485 नाम हटाए गए हैं। अब फाइनल लिस्ट में 1,24,82,213 पुरुष, 1,24,75,583 महिलाएं और 343 थर्ड-जेंडर शामिल हैं। SIR के बारे में जानें… यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। इसमें 18 साल से ज्यादा के नए वोटर्स को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है। जो शिफ्ट हो चुके हैं उनके नाम हटाए जाते हैं। वोटर लिस्ट में नाम, पते में हुई गलतियों को भी ठीक किया जाता है। BLO घर-घर जाकर खुद फॉर्म भरवाते हैं। 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो। पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। ------------- ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली-कर्नाटक समेत 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की घोषणा, EC बोला- अप्रैल से प्रक्रिया शुरू होगी चुनाव आयोग ने 19 फरवरी को देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग के सचिव पवन दीवान ने 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को लेटर लिखकर SIR से जुड़ी तैयारी का काम जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा है। चुनाव आयोग ने लेटर में बताया कि दिल्ली, कर्नाटक सहित शेष 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद है। पूरी खबर पढ़ें…

Reporting by Dainik Bhaskar.

Read Original Story
Share this story

Reader Reactions
Reader Comments
No comments yet.
Post a Comment