राजाराम हत्याकांड में पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी को झटका:हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका, पुलिस को मिला एक महीने का समय
2026-02-17 22:59:25 | Views: 0
राजाराम हत्याकांड में शुरू हुई अग्रिम विवेचना को हाईकोर्ट में चुनौती देने वाले पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी और राजबहादुर को कोई राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने विधि विरुद्ध शुरू की गई विवेचना के तर्क को नहीं माना। इसके साथ ही पुलिस को काउंटर दााखिल करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। आईआईटी के पूर्व रजिस्ट्रार व अधिवक्ता राजाराम की 22 दिसंबर 2021 को उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में शूटर दिलनियाज, राहुल यादव, अंकित यादव और राम खिलावन को जेल भेजा गया था। इस मामले में रामखिलावन को छोड़कर अन्य सभी जमानत पर बाहर हैं। राजाराम के बेटे नरेंद्र देव ने पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर इस मामले की अग्रिम विवेचना की मांग की थी। 31 जनवरी को पुलिस ने पूर्व महामंत्री को उठाया था पुलिस कमिश्नर के आदेश पर अग्रिम विवेचना शुरू हुई। इसी कड़ी में पुलिस ने 31 जनवरी 2026 की शाम पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी, एनआरआई सिटी के निदेशक एसके पालीवाल और राजेश गुप्ता को पूछताछ के लिए उठाया था, हालांकि सात घंटे चली पूछताछ के बाद देर रात पुलिस ने तीनों को छोड़ दिया था। कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश पांडेय ने बताया कि अग्रिम जांच को विधि विरुद्ध बताते हुए राकेश तिवारी और राज बहादुर ने हाईकोर्ट में अर्जी दी थी। जिसमें तर्क दिया था कि इस मामले में चार साल पहले चार्जशीट लग चुकी है। मामला कोर्ट में है और सुनवाई चल रही है। चार साल बाद पुलिस ने फिर से विवेचना शुरू कर दी, जो कि विधि विरुद्ध है। इंस्पेक्टर जगदीश पांडेय के मुताबिक हाईकोर्ट ने पुलिस की ओर से उपस्थित अधिवक्ता से पूछा कि जब चार्जशीट लगा थी, तब विवेचना जारी थी या पूरी तरह बंद कर दी गई। इस पर चार साल पहले लगाई गई चार्जशीट हाईकोर्ट में पेश की गई। पूर्व महामंत्री को नोटिस देकर बुलाएगी पुलिस जिसमें लिखा था कि आरोपी दिलनियाज, राहुल, अंकित और राम खिलावन के खिलाफ चार्जशीट प्रस्तुत की जा रही है, जबकि एनआरआई सिटी के निदेशकों के खिलाफ जांच जारी है। इंस्पेक्टर जगदीश पांडेय ने बताया कि इस पर हाईकोर्ट ने अग्रिम विवेचना विधि विरुद्ध होने के तर्क को नहीं माना। राकेश तिवारी और राजबहादुर ने गिरफ्तारी पर स्टे और अग्रिम जमानत अर्जी दी थी, जिस पर कोई राहत नहीं दी। इंस्पेक्टर ने बताया कि एक महीने में पुलिस को काउंटर दाखिल करने का समय दिया गया है। कोतवाली इंस्पेक्टर ने बताया कि अब जल्द ही राकेश तिवारी को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।