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नोएडा में UKG का छात्र 7 घंटे बस में बंद:बस खराब हुई तो उसी में छोड़ा, ट्रांसपोर्टर-कर्मचारी निलंबित; एमिटी इंटरनेशनल स्कूल का मामला

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                 नोएडा में UKG का छात्र 7 घंटे बस में बंद:बस खराब हुई तो उसी में छोड़ा, ट्रांसपोर्टर-कर्मचारी निलंबित; एमिटी इंटरनेशनल स्कूल का मामला
नोएडा में यूकेजी का एक छात्र 7 घंटे तक बस के अंदर बंद रहा। स्कूल की छुट्‌टी के बाद जब परिजन सोसाइटी के गेट पर बच्चे को लेने पहुंचे तो वह बसे में नहीं था। उन्होंने स्कूल फोन किया। प्रबंधन ने बताया कि बच्चा स्कूल नहीं पहुंचा। इसके बाद परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। पता चला कि बस के रजिस्टर में उसकी उपस्थिति दर्ज थी, लेकिन स्कूल में अनुपस्थित था। परिजनों ने ट्रांसपोर्टर को फोन किया तो पता चला कि रास्ते में बस खराब हो गई थी। इसके बाद दूसरी बस से बच्चों को भेजा गया था। बच्चे को खोजते हुए परिजन यार्ड पहुंचे। यहां बस खड़ी थी। परिजनों ने देखा कि बच्चा जोर-जोर से रो रहा था। वह भूखा-प्यासा था। पसीने से लथपथ था। बस का जैसे ही दरवाजा खुला बच्चा मां के चिपट गया और रोने लगा। स्कूल प्रबंधन ने ट्रांसपोर्टर और बस के कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। विस्तार से पढ़िए पूरा मामला सुबह बस से गया था, स्कूल नहीं पहुंचा बच्चा सेक्टर-78 स्थित एक सोसाइटी में रहने वाले एक दंपती का 5 साल का बेटा सेक्टर-44 के एमिटी इंटरनेशनल स्कूल में यूकेजी में पढ़ता है। परिजन के मुताबिक, गुरुवार सुबह उन्होंने बच्चे को सोसाइटी के गेट से स्कूल बस में बैठाया था। रास्ते में तकनीकी खराबी के कारण बस बंद हो गई। चालक की सूचना पर ट्रांसपोर्टर ने दूसरी बस भेज दी। इस बस में बच्चों को बैठाकर स्कूल पहुंचाया गया। खराब बस को स्कूल से करीब 25 किलोमीटर दूर बने यार्ड में भेज दिया गया। परिजन का कहना है कि जब वह सोसाइटी के गेट पर बच्चे को लेने पहुंचे तो वह बसे में नहीं था। उन्होंने इसकी सूचना स्कूल को दी। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, बच्चा स्कूल नहीं पहुंचा था। परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। बस के रजिस्टर में उपस्थिति दर्ज थी, स्कूल में अनुपस्थित वह बच्चे को खोजने निकले। इसी दौरान उन्होंने बस का रजिस्टर देखा। पता चला कि बच्चे की उपस्थिति उसमें दर्ज थी, लेकिन स्कूल में अनुपस्थित था। इसके बाद घरवालों ने ट्रांसपोर्टर को फोन किया। ट्रांसपोर्टर ने बताया कि रास्ते में बस खराब हो गई थी। इसके बाद दूसरी बस से बच्चों को स्कूल पहुंचाया गया था। बच्चे के पिता ने पूछा कि खराब बस कहां है? ट्रांसपोर्टर ने बताया कि खराब बस को यार्ड में खड़ा कर दिया गया है। बच्चे के घरवाले यार्ड पहुंचे। यहां बस खड़ी थी। उन्होंने देखा कि उनका बेटा भूखा-प्यासा और पसीने से लथपथ था। जैसे ही बस का गेट खोला वह हम लोगों से चिपट कर रोने लगा। पुलिस के मुताबिक, इस संबंध में परिजन ने कोई शिकायत नहीं दी है। बच्चे की मां ने दर्द बयां किया बच्चे की मां ने सोशल मीडिया पर एक मैसेज पोस्ट किया है। उन्होंने कहा कि सुबह बेटे को बस में बैठाया। उसे हाथ हिलाकर विदा किया और रोजाना की तरह घर पहुंच गई। दोपहर में जब सोसाइटी के गेट पर पहुंचीं तो बेटा बस से नहीं उतरा। उन्होंने कहा कि माता-पिता होने के नाते वह बेहद गंभीर पीड़ा से गुजरे। वह उन घंटों के डर और बेबसी को शब्दों में बयान नहीं कर सकतीं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वह खुद बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। स्कूल प्रबंधन ने दावों को खारिज किया स्कूल प्रबंधन की ओर से सविता मेहता का कहना है कि बस रास्ते में खराब हो गई थी। जब दूसरी बस से बच्चे स्कूल पहुंचे तो उनकी गिनती हुई, लेकिन एक बच्चा गायब था। स्कूल प्रबंधन ने कुछ ही देर में बच्चे को खराब हुई बस से ढूंढ निकाला और परिजन को इसकी सूचना दी। इस घटनाक्रम में थोड़ा समय लगा, लेकिन सात घंटे तक बस में बंद रहने और 25 किलोमीटर दूर यार्ड के दावे गलत हैं। स्कूल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ट्रांसपोर्टर और बस स्टाफ को निलंबित कर दिया है। …………………….. ये खबर भी पढ़िए- महिला सिपाही कार में बेटे के साथ जिंदा जली:पति चिल्लाता रहा, लेकिन बचा नहीं पाया, रामपुर में डंपर से टक्कर के बाद आग लगी यूपी के रामपुर में 23 साल की महिला सिपाही और उसके 2 साल के बेटे की कार में जलकर मौत हो गई। पति और देवर झुलस गए। महिला परिवार के साथ स्विफ्ट डिजायर कार से रामपुर से नैनीताल घूमने गई थी। लौटते वक्त कार की बेकाबू डंपर से टक्कर हो गई, जिससे कार में आग लग गई। पूरी खबर पढ़ें

Reporting by Dainik Bhaskar .

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