जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंशियर और दोषी सेक्स ट्रैफिकर थे (2008 में दोषी, 2019 में मौत)। उनके केस से जुड़े दस्तावेज (ईमेल, मैसेज, आदि) अमेरिकी अदालत द्वारा समय-समय पर unsealed किए जाते हैं। 2026 में 30 लाख से ज्यादा पेज, वीडियो और इमेज जारी हुए, जिनमें दुनिया भर के कई नेताओं/अमीरों के नाम हैं। नाम आने का मतलब यह नहीं कि कोई गलत काम किया—कई मामलों में सिर्फ संपर्क या उल्लेख है।


पीएम मोदी का नाम क्यों आया?


मोदी का नाम प्रत्यक्ष रूप से नहीं, बल्कि कुछ ईमेल/मैसेज में अप्रत्यक्ष रूप से आया है, मुख्य रूप से अनिल अंबानी (रिलायंस ग्रुप) के माध्यम से। 2017 के ईमेल में एपस्टीन ने दावा किया कि पीएम मोदी ने उनकी "सलाह" ली थी। खासकर मोदी की 4-6 जुलाई 2017 वाली इजराइल यात्रा के संदर्भ में।


एक ईमेल (9 जुलाई 2017) में एपस्टीन ने किसी को लिखा:


“The Indian Prime minister modi took advice. and danced and sang in israel for the benefit of the US president. they had met a few weeks ago.. IT WORKED. !”


यहाँ "danced and sang" से शायद मोदी की इजराइल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों (जैसे वृंदावन गार्डन में) का जिक्र है। एपस्टीन का दावा है कि यह यात्रा अमेरिका (ट्रंप) के फायदे के लिए थी, और मोदी ने उनकी सलाह मानी (जो जून 2017 में मोदी-ट्रंप मीटिंग के बाद हुई)।




भारत सरकार की प्रतिक्रिया


विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा:


“प्रधानमंत्री की 2017 इजराइल यात्रा के अलावा, ईमेल में बाकी सब एक दोषी अपराधी की trashy ruminations (बकवास कल्पनाएं) हैं, जिन्हें पूरे तिरस्कार से खारिज किया जाना चाहिए।”


बीजेपी ने भी कहा कि मोदी का एपस्टीन से कोई सीधा संपर्क नहीं था। विपक्ष (कांग्रेस) ने सवाल उठाए, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं दिया।