5 फरवरी 2026 की रात दिल्ली के जनकपुरी इलाके में 25 साल के कमल (कुछ रिपोर्ट्स में कमल ध्यानी) नामक व्यक्ति की मौत हो गई। वह HDFC बैंक के रोहिणी ब्रांच में असिस्टेंट मैनेजर या टेलीकॉलर के रूप में काम करते थे और ऑफिस से घर (कैलाशपुरी) लौट रहे थे।
उनकी बाइक एक गड्ढे में गिर गई, जो दिल्ली जल बोर्ड (DJB) द्वारा कंस्ट्रक्शन वर्क (संभवतः सीवर या पानी की लाइन) के लिए खोदा गया था। गड्ढा गहरा और पानी से भरा था, और कमल की बॉडी सुबह मिली।
- परिवार ने रातभर तलाश की, लेकिन सुबह पुलिस को सूचना मिलने पर बॉडी बरामद हुई। पोस्टमॉर्टम से मौत की पुष्टि हुई, जो गिरने और संभवतः डूबने या चोट से हुई।
कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, गड्ढे पर बैरिकेड थे, लेकिन सोशल मीडिया और विपक्षी नेताओं के दावों में कहा गया कि कोई बैरिकेड, लाइट या चेतावनी बोर्ड नहीं था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में नेग्लिजेंस की बात सामने आई है, और दिल्ली सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं।
यह घटना हाल ही में नोएडा में युवराज मेहता की मौत (जनवरी 2026 में पानी भरे गड्ढे में कार गिरने से) से मिलती-जुलती है, जहां भी नेग्लिजेंस का आरोप लगा था।
राजनीतिक कोण और "डबल इंजन" का संदर्भ
आपका सवाल BJP के "डबल इंजन" (संभवतः केंद्र सरकार और दिल्ली में LG की भूमिका) को लक्ष्य करता है। लेकिन दिल्ली जल बोर्ड (DJB) दिल्ली सरकार के अधीन आता है, जो आम आदमी पार्टी (AAP) की है। AAP नेता अरविंद केजरीवाल और सौरभ भारद्वाज ने इसे BJP की "निकम्मी सरकार" और "हत्यारा सिस्टम" कहा है, दावा करते हुए कि केंद्र और LG (जो BJP से जुड़े माने जाते हैं) दिल्ली के विकास कार्यों में बाधा डालते हैं।
✓दूसरी तरफ, BJP ने इसे AAP की असफलता बताया है, क्योंकि DJB AAP सरकार के कंट्रोल में है। दिल्ली में "डबल इंजन" का मतलब स्पष्ट नहीं, क्योंकि दिल्ली में AAP की सरकार है, जबकि केंद्र BJP की। LG (केंद्र नियुक्त) कुछ विभागों (जैसे पुलिस, भूमि) पर नियंत्रण रखते हैं, लेकिन जल बोर्ड मुख्य रूप से दिल्ली सरकार का है।
✓कांग्रेस और अन्य विपक्षी भी BJP को ब्लेम कर रहे हैं, लेकिन यह राजनीतिक ब्लेम गेम लगता है। X (पूर्व Twitter) पर कई पोस्ट्स में इसे BJP की हत्या कहा गया, लेकिन ये ज्यादातर विपक्षी हैंडल्स से हैं
मौत या हत्या? मेरा विश्लेषण
✓**कानूनी दृष्टि से**: यह एक दुर्घटना है, लेकिन अगर नेग्लिजेंस साबित होती है (जैसे बैरिकेड न लगाना), तो यह "क्रिमिनल नेग्लिजेंस" (IPC सेक्शन 304A) हो सकती है, जो गैर-इरादतन हत्या के बराबर है। लेकिन "हत्या" (IPC 302) के लिए इरादा जरूरी है, जो यहां नहीं दिखता। यह सिस्टेमिक फेलियर है, न कि जानबूझकर की गई हत्या।
✓**जिम्मेदारी**: DJB की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जो दिल्ली सरकार के अंदर है। लेकिन अगर जांच से पता चले कि फंडिंग या अप्रूवल में केंद्र/LG की देरी थी, तो वह भी हिस्सा हो सकता है। फिलहाल, दिल्ली सरकार ने जांच आदेश दिए हैं, और पुलिस FIR दर्ज कर रही है।
ट्रूथ-सीकिंग व्यू यह मौत नेग्लिजेंस से हुई है, जो दुखद है और सिस्टम की कमजोरी दिखाती है। राजनीतिक पार्टियां इसे एक-दूसरे पर फेंक रही हैं, लेकिन असली फोकस जांच, जिम्मेदारों पर कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने पर होना चाहिए। स्मार्ट सिटी का वादा सभी सरकारों का है, लेकिन सड़क सुरक्षा में सुधार की जरूरत है।
अगर आपके पास और डिटेल्स हैं या कोई स्पेसिफिक सवाल, तो बताएं।