आज 7 मार्च 2026 से ही LPG सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं।
✓14.2 kg घरेलू सिलेंडर: ₹60 महंगा (दिल्ली में अब ₹913)
✓19 kg कमर्शियल सिलेंडर: ₹115 महंगा (दिल्ली में अब ₹1,883)
ये बढ़ोतरी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) ने की है।
असली कारण क्या है?
दाम वैश्विक बाजार की वजह से बढ़े हैं। पश्चिम एशिया (इज़राइल-ईरान तनाव) की वजह से अंतरराष्ट्रीय LPG और क्रूड की कीमतें चढ़ गईं। भारत LPG का बड़ा आयातक है, इसलिए आयात-मूल्य (import parity price) बढ़ने से कंपनियाँ दाम रिवाइज करती हैं। ये हर महीने होता है – कभी घटते हैं, कभी बढ़ते हैं।
आपूर्ति की कोई किल्लत नहीं है। सरकार और IOC ने साफ कहा: स्टॉक पर्याप्त हैं
रूस, अमेरिका और दूसरे देशों से डाइवर्सिफाई कर लिया गया है
Strait of Hormuz से भी कोई बड़ा खतरा अभी नहीं
कल ही पेट्रोलियम मंत्री हार्दीप सिंह पुरी ने X पर लिखा था:
“हमारे नागरिकों के लिए किफायती और सस्टेनेबल ईंधन सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। भारत में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है।”
उन्होंने यही कहा था – आपूर्ति में कोई दिक्कत नहीं, कीमतें बाजार के हिसाब से चलती हैं। सरकार ने पहले भी कहा था कि युद्ध का “कोई फर्क नहीं पड़ेगा” – मतलब सप्लाई चेन नहीं टूटेगी, लेकिन ग्लोबल प्राइस बढ़ने पर असर पड़ सकता है (जो पड़ रहा है)।
“एप्स्टीन गैंग” और “बिल में घुस गए” वाली बात?
ये राजनीतिक टिप्पणी है। फरवरी 2026 में हार्दीप सिंह पुरी पर एपस्टीन से पुराने ईमेल और 3-4 मीटिंग्स को लेकर विवाद हुआ था। पुरी जी ने खुद कहा:
ये 2014-2017 के बीच एक इंटरनेशनल थिंक टैंक (Independent Commission on Multilateralism) के जरिए प्रोफेशनल मीटिंग्स थीं
कोई गलत काम या क्राइम नहीं
उन्होंने इनकार किया और कहा कि ये सार्वजनिक जानकारी थी
कांग्रेस ने इस्तीफे की माँग की, लेकिन कोई कोर्ट या जांच में दोष साबित नहीं हुआ। इसे “मोदी जी का एप्स्टीन गैंग” कहकर जोड़ना बस राजनीतिक हमला है। इसका LPG दाम बढ़ने से कोई लेना-देना नहीं। दाम OMC की वेबसाइट पर ऑटोमैटिक रिवीजन से बढ़े हैं, न कि किसी “बिल” या गैंग के दबाव से।