यह बयान आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह का लगता है, जो हाल के अमेरिका-इज़राइल-ईरान संघर्ष के संदर्भ में मोदी सरकार की विदेश नीति की आलोचना कर रहा है। यह बयान हालिया घटनाओं से जुड़ा है, जहां अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमले किए, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली ख़ामेनेई की मौत हो गई, और ईरान ने जवाब में स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज़ को बंद कर दिया या जहाज़ों पर हमले किए।
1. महंगाई का संकट और मोदी की नीति
बयान दावा करता है कि मोदी ने जानबूझकर भारत को महंगाई के संकट में डाला। यह एक राजनीतिक आलोचना है, लेकिन तथ्य यह है कि हालिया संघर्ष से वैश्विक तेल कीमतों में वृद्धि हुई है, जो भारत की महंगाई को प्रभावित कर सकती है। भारत 85-90% कच्चा तेल आयात पर निर्भर है, और संघर्ष से ब्रेंट क्रूड की कीमतें 20% तक बढ़ गई हैं।aad620 हालांकि, सरकार ने कहा है कि पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी, क्योंकि भारत ने हॉर्मुज़ के बाहर से आयात 10% बढ़ाया है और स्टॉक उपलब्ध हैं।f61aa3 यह "जानबूझकर" का दावा सबूत-आधारित नहीं है; यह संघर्ष का परिणाम है, जो मोदी सरकार की नियंत्रण से बाहर है।
2. भारत के तेल और गैस आयात का प्रतिशत हॉर्मुज़ से
बयान: 60% कच्चा तेल और 50% गैस हॉर्मुज़ से आता है।
तथ्य: भारत के लगभग 40-50% कच्चे तेल के आयात (लगभग 2.5-2.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन) हॉर्मुज़ से गुजरते हैं, मुख्य रूप से इराक, सऊदी अरब, UAE और कुवैत से। LNG (गैस) के मामले में, 30-50% आयात हॉर्मुज़ से जुड़े हैं, मुख्य रूप से कतर और UAE से।बयान के आंकड़े थोड़े ऊंचे हैं, लेकिन दिशा सही है—यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। वैश्विक स्तर पर, हॉर्मुज़ से 20% विश्व तेल और 83% एशिया-बाउंड LNG गुजरता है।003e38
3. ईरान से रिश्ते बिगाड़ना
बयान: मोदी ने ईरान से रिश्ते क्यों बिगाड़े?
तथ्य: भारत-ईरान संबंध मोदी सरकार में मिश्रित रहे हैं। 2016 में मोदी की ईरान यात्रा से चाबहार पोर्ट समझौता हुआ, जो भारत के लिए रणनीतिक महत्व का है (अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच)।52fe2470f528 लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण भारत ने 2019 में ईरान से तेल आयात बंद कर दिया, और हालिया हमलों पर भारत ने चुप्पी साधी है।7df87f विपक्ष (जैसे कांग्रेस और AAP) इसे "गलत विदेश नीति" कहता है, क्योंकि भारत ने अमेरिका-इज़राइल हमलों की निंदा नहीं की।5190849960f9 हालांकि, भारत ने सभी पक्षों से संयम की अपील की है और ईरान के साथ रणनीतिक संबंध बनाए रखे हैं।c2f95f यह "बिगाड़ना" अमेरिकी दबाव और संतुलित नीति का परिणाम है, न कि जानबूझकर दुश्मनी।
4. हॉर्मुज़ का 50% हिस्सा ईरान में
तथ्य: स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज़ ईरान और ओमान के बीच है, लगभग 33 किमी चौड़ा। ईरान उत्तरी हिस्से को नियंत्रित करता है, जो लगभग आधा है।21e6d6 यह दावा सही है—ईरान का नियंत्रण इसे बंद करने की क्षमता देता है।
5. रूस-चीन जहाज़ों को इजाज़त, भारतीय जहाज़ रोके गए
बयान: ईरान ने रूस और चीन के जहाज़ों को अनुमति दी, लेकिन मोदी की नीति से भारतीय जहाज़ रोके।
तथ्य: रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन और रूस ने ईरान का समर्थन करने के लिए "रणनीतिक इशारे" के रूप में सुरक्षित मार्ग प्राप्त किया। ईरान ने कहा है कि बंदिश मुख्य रूप से अमेरिका, इज़राइल, यूरोप और उनके सहयोगियों पर है, और भारतीय जहाज़ों को नहीं रोका जा रहा। ईरान के उप विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अमेरिका से पूछे कि वे भारतीय महासागर में ईरानी जहाज़ों पर क्यों हमला कर रहे हैं।2b1921 हालांकि, 37-38 भारतीय जहाज़ फंसे हुए हैं (₹10,000 करोड़ की संपत्ति जोखिम में), और 200+ जहाज़ पर्सियन गल्फ में रुके हैं। ईरान ने 5-6 टैंकरों पर हमले किए, लेकिन भारतीय जहाज़ों को विशेष रूप से निशाना नहीं बनाया गया लगता है। यह "मोदी की गलत नीति" का दावा राजनीतिक है; भारत रहने की कोशिश कर रहा है, लेकिन संघर्ष से प्रभावित है।