ग्रेटर नोएडा (6 मार्च 2026): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-10 में केडीएसजी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल (निजी) का उद्घाटन करने पहुंचे। अस्पताल के मालिकों ने पूर्व क्रिकेटर कपिल देव की मौजूदगी में धूमधाम से कार्यक्रम किया, लेकिन आम जनता का हाल देखकर सवाल उठ खड़े हुए।
प्रशासन ने बसें भरकर थोड़ी सी भीड़ जुटाई ताकि मुख्यमंत्री के भाषण पर तालियां बजें। लेकिन अस्पताल मालिकों ने जनता को पानी तक देने की जहमत नहीं उठाई। गर्मी और प्यास से परेशान लोगों ने हूटिंग शुरू कर दी। तब कहीं जाकर पानी का इंतजाम हुआ।
जनता पूछ रही है — जिसकी हैसियत इस महंगे निजी अस्पताल का बिल चुकाने की भी नहीं, उसी से तालियां क्यों बजवाई जा रही हैं? सरकारी स्कूल और सरकारी अस्पताल तो पहले से ही बर्बादी के कगार पर हैं।
सवाल ये है: क्या नौ साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री जी ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा में किसी एक सरकारी अस्पताल या स्कूल का उद्घाटन किया है?
सोचिए... क्योंकि सोचने में तो कोई खर्चा नहीं होता!
जनता अब तथ्यों की मांग कर रही है — निजी हॉस्पिटल की चकाचौंध में सरकारी सुविधाओं को क्यों भुलाया जा रहा है? क्या विकास सिर्फ निजी क्षेत्र के लिए है?
सपा प्रवक्ता- राजकुमार भाटी ने तीखा बार करते हुए X पर लिखा है
"सरकारी स्कूल, सरकारी अस्पताल बर्बाद किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री निजी अस्पताल का उद्घाटन करके उस जनता से इसके लिए ताली बजवा रहे हैं जिसकी हैसियत इस अस्पताल का बिल अदा करने की भी नहीं है।
मुख्यमंत्री ग्रेटर नोएडा में प्राइवेट अस्पताल का उद्घाटन करने आए। प्रशासन ने बसें लगाकर थोड़ी सी भीड़ इकट्ठा की ताकि मुख्यमंत्री के भाषण पर ताली बजवाई जा सके। अस्पताल मालिकों ने जनता जनार्दन को पानी तक के लिए नहीं पूछा। परिणाम स्वरुप जनता ने हूटिंग शुरू कर दी। तब जाकर पानी का इंतजाम किया गया।
क्या नौ साल के अपने कार्यकाल में मुख्यमंत्री जी ने नोएडा ग्रेटर नोएडा में किसी सरकारी अस्पताल या स्कूल का उद्घाटन किया है? सोचो, क्योंकि सोचने में कुछ खर्च नहीं होता।"