“देश का पहला इक्षा मृत्यु”
ये हरीश राणा हैं, यूपी के गाज़ियाबाद में रहने वाले हरीश साल 2003 में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के छात्र थे और ऊंचाई से गिरने के बाद वो कभी होश में नहीं आ सके।
हरीश पिछले 13 साल से अपने कमरे में मृत समान बिस्तर पर पड़े हैं। फैमिली वाले उनके इलाज में कंगाल हो चुके हैं।
उनके उठ पाने की सारी उम्मीदें खत्म हो चुकी थीं। जिसके बाद फैमिली ने हरीश के लिए SC से इच्छामृत्यु मांगी थी।
आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने हरीश को इच्छा मृत्यु की इजाजत दे दी। ये देश का पहला मामला है, जब इच्छा मृत्यु की इजाजत SC से मिली है।
अब हरीश को दिल्ली एम्स ले जाया गया है। यहां उनके लाइफ़ सपोर्ट सिस्टम हटाए जाएंगे और उन्हें इच्छा मृत्यु दी जाएगी।
इससे पहले घर पर कोमा में पड़े हरीश राणा को अंतिम विदाई दी गई। मां–बाप के लिए ये बेहद भावुक पल था, जब वो हरीश को आखिरी विदाई दे रहे थे।
उन्हें पता था कि हरीश अब कभी उठ खड़े नहीं हो सकते, फिर भी वो 13 साल तक बेड पर उसकी सेवा करते रहे।