रामपुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान के नाम से उनके करीबी और सपा नेता यूसुफ मलिक (मुरादाबाद निवासी) ने एक संदेश प्रसारित किया था। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने 14 मार्च 2026 को जेल में आजम खान (और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ) से मुलाकात की, और आजम खान ने ईरान-इजराइल (या अमेरिका-ईरान) संघर्ष के चलते अपील की है कि:
सुन्नी मुस्लिम समुदाय ईद को सादगी से मनाए।
नए कपड़े न खरीदें और न पहनें।
ईद की नमाज काले कपड़े पहनकर या काली पट्टी/बैंड बांधकर अदा करें।
यह अपील ईरान पर हुए हमलों (जिसमें स्कूल पर अटैक और मासूम बच्चों/बच्चियों की मौत) के विरोध और शोक में है।
यह संदेश मीडिया और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे विवाद बढ़ा।
रामपुर पुलिस की कार्रवाई:
गंज थाने में यूसुफ मलिक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस का दावा है कि यूसुफ मलिक ने 14 मार्च को आजम खान से मुलाकात नहीं की थी (यह झूठा बयान है), और उनके बयान से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का खतरा है। मुकदमा झूठा बयान देने, सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने आदि धाराओं के तहत दर्ज हुआ है। यह जानकारी पुलिस अधिकारियों (जैसे अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह) और विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स से आई है।
यह मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील है, क्योंकि आजम खान पहले से ही जेल में हैं (फर्जी पैन कार्ड आदि मामलों में), और यह घटना ईरान-इजराइल तनाव के वैश्विक संदर्भ में भारत में प्रतिक्रिया पैदा कर रही है।