संसद में मोशन ऑफ थैंक्स या LPG/ऊर्जा संकट पर बहस के दौरान राहुल गांधी ने ये मुद्दे उठाए, स्पीकर ने उनके भाषण को छोटा कर दिया और माइक बंद होने का आरोप उन्होंने खुद लगाया।
आइए हर दावे को तथ्यों के आधार पर देखें (सरकार और विपक्ष दोनों पक्षों से):
1. मोदी सरकार ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता किया
राहुल गांधी का आरोप: विदेश नीति की गलती से ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित हुई है। ईरान-इजराइल संघर्ष और रूसी तेल खरीद पर अमेरिका की 30 दिन की “परमिशन” की जरूरत से संप्रभुता प्रभावित हुई। LPG/ईंधन संकट आने वाला है।
सरकार का पक्ष: प्रधानमंत्री मोदी ने इसे “पैनिक फैलाने की कोशिश” बताया। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि आपूर्ति स्थिर है और सरकार आत्मनिर्भर ऊर्जा पर जोर दे रही है। कोई बड़ा संकट नहीं।
2. मोदी जी का नाम Epstein फाइल्स में
2026 में जारी Epstein फाइल्स (US Justice Department) में अनिल अंबानी (मोदी के करीबी) के ईमेल्स का जिक्र है। अंबानी ने Epstein से Trump सर्कल में कनेक्शन और 2017 के मोदी के इजराइल दौरे के लिए सलाह मांगी थी। Epstein ने खुद लिखा कि “Modi took my advice, danced and sang in Israel… it worked!”
भारत सरकार (MEA) का जवाब: “Convicted criminal की trashy ruminations” – सिर्फ अफवाहें, कोई गलत काम नहीं। मोदी का इजराइल दौरे का फैक्ट सही है, बाकी सब बेकार।9fa6a4
विपक्ष (कांग्रेस): मोदी “compromised” हैं, स्पष्टीकरण दें।
3. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और Epstein
राहुल गांधी ने पुरी पर आरोप लगाया कि वे Epstein के “friend” हैं। फाइल्स में ईमेल एक्सचेंज और मीटिंग्स (2014-2017) का जिक्र। पुरी ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस में 3-4 मीटिंग्स स्वीकार कीं (प्राइवेट सिटीजन के तौर पर, निवेशकों से कनेक्ट करने के लिए)। विपक्ष कुछ सांसद 14 मीटिंग्स का दावा कर रहे हैं।
पुरी का जवाब: “Baseless, buffoonery और entertainment value”। कोई क्राइम या Epstein के गलत कामों से लिंक नहीं। इस्तीफे की मांग को खारिज।
4. पुरी की बेटी की कंपनी में Soros के पैसे
राहुल गांधी ने संसद में डॉक्यूमेंट दिखाते हुए कहा कि हरदीप सिंह पुरी की बेटी हिमायनी पुरी की कंपनी (Realm Partners LLC) को George Soros से फंडिंग मिली है।
यह दावा विपक्ष ने उठाया, लेकिन Soros फाउंडेशन के भारत में निवेश/फंडिंग के प्लान्स पहले भी चर्चा में रहे हैं। कोई गैरकानूनी साबित नहीं हुआ। पुरी पक्ष से अभी सीधा खंडन नहीं आया इस हिस्से पर।fc59c1
आखिर की बात – “नरेंदर सरेंडर हो गया है”
यह विपक्षी नारा है, जो राहुल गांधी और कांग्रेस ने हाल के दिनों में इस्तेमाल किया (खासकर अमेरिका की “परमिशन” और Epstein मुद्दों पर)। सरकार इसे सिर्फ राजनीतिक हमला मानती है।
निष्कर्ष (तथ्य-आधारित):
ये सब आरोप विपक्ष (मुख्यतः कांग्रेस) द्वारा हाल के Epstein फाइल्स रिलीज के बाद उठाए गए हैं। कुछ ईमेल/मीटिंग्स के सबूत फाइल्स में हैं, लेकिन कोई साबित क्रिमिनल लिंक या “समझौता” नहीं मिला। सरकार ने सब खारिज कर दिया। संसद में माइक बंद होना स्पीकर के फैसले पर हुआ (अव्यवस्था रोकने के लिए)।
भारत में Epstein फाइल्स एक राजनीतिक मुद्दा बन गया है – विपक्ष इसे “compromised” साबित करने का हथियार बना रहा है, सरकार इसे “baseless smear campaign” कह रही है। असली जांच या कोर्ट अगर हो तो ही सच्चाई सामने आएगी।