शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी की गौ-प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध यात्रा चल रही है, जो 7 मार्च 2026 को वाराणसी से शुरू हुई थी। यह यात्रा गौ-रक्षा, गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और गाय को राष्ट्रमाता (या राज्यमाता) घोषित करने की मांग को लेकर चलाई जा रही है।
आज (8 मार्च 2026) की सुबह, रायबरेली में प्रातः पूजा के बाद वे उन्नाव के लिए रवाना हुए हैं। कल रात्रि वे रायबरेली में ही प्रवास पर थे।
यात्रा का मुख्य समापन/शंखनाद 11 मार्च 2026 को लखनऊ में होगा, जहाँ संतों, गौभक्तों और समर्थकों का बड़ा समागम होने वाला है। इसे "गौप्रतिष्ठा के लिए धर्मयुद्ध का शंखनाद" कहा जा रहा है। यात्रा में विभिन्न जिलों जैसे जौनपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, उन्नाव आदि से गुजरते हुए सभाएँ और कार्यक्रम हो रहे हैं।
यह अभियान उत्तर प्रदेश सरकार (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) के खिलाफ गौ-रक्षा को लेकर एक चुनौती के रूप में भी देखा जा रहा है, जिसमें पहले 40 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया था।