आजमगढ़ में विवाहिता की हत्या की जाने के मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट सत्यवीर सिंह ने आरोपी पति समेत 6 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया है। इस मामले में मृतका की मां शीला यादव निवासिनी तियरी संग्राम थाना गंभीरपुर ने अपने अधिवक्ता प्रेम प्रकाश सिंह के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसके अनुसार शीला यादव की गांव के पट्टीदार देव नारायण से रंजिश थी। इसी रंजिश के कारण देवनारायण के बेटे त्रिलोकी यादव शीला की पुत्री प्रतीक्षा यादव को एक नवम्बर 2025 को बहला फुसलाकर कर भगा ले गया और उसके साथ विवाह कर लिया। विवाह के बाद प्रतीक्षा यादव को ससुराल में मारा पीटा जाने लगा। जब शीला ने आपत्ति की तब त्रिलोकी ने कहा कि हमने बदला लेने के लिए यह विवाह किया है। अंततः ससुराल में 8 जनवरी 2026 को प्रतीक्षा यादव की हत्या कर दी गई और मायके वालों को खबर दिए बगैर ही अंतिम संस्कार भी कर दिया। मुकदमा दर्ज का जांच करे पुलिस इस मामले के तथ्यों परिस्थितियों को देखने के बाद सीजेएम कोर्ट ने मृतक के पति त्रिलोकी यादव तारा देवी ससुर देवनारायण कथा त्रिलोकी के भाई आलोक,लालू प्रसाद व अखिलेश के विरुद्ध थाना प्रभारी गंभीरपुर को मुकदमा दर्ज कर जांच करने का आदेश के साथ पूरे मामले की जांच का भी निर्देश दिया है।
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