होली को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी के विरुद्ध अभियान तेज कर दिया है। डीएम के निर्देश पर जिले के अलग-अलग स्थानों पर विशेष टीमें छापेमारी कर रही हैं। अब तक 1.5 लाख रुपये से अधिक कीमत के सामान नष्ट कराए जा चुके हैं। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर खाद्य पदार्थों को जब्त भी किया गया है। विभाग खोया, मिठाई, कचरी आदि खाद्य पदार्थों की जांच पर ज्यादा जोर दे रहा है। होली के दौरान इन्हीं का प्रयोग सर्वाधिक होता है। तीन दिनों में विभाग की ओर से डेढ़ दर्जन नमूने लिए जा चुके हैं। जिन खाद्य पदार्थों को नष्ट कराया गया है, उनमें मिलावटी खाद्य पदार्थ अधिक हैं। कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ भी हैं, जिनमें हानिकारक रंग मिलाए गए थे। इससे स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। स्वास्थ्य की दृष्टि से विभाग ने इन खाद्य पदार्थों को नष्ट करा दिया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रिफाइंड आयल के 4 नमूनों सहित बेसन, मैदा, मिठाई आदि के नमूने हैं। शासन की ओर नामित टीम ने गोपनीय तरीके से बताए गए लोकेशन पर छापा मारा और नमूने लेकर चली गई। उन्होंने खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला में नमूनों को भेज दिया है, जांच में रिपोर्ट असुरक्षित या अधोमानक आएगी तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। होली के त्योहार में तेल, मसाले सहित अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ गई है। इसमें मिलावट खोर भी सक्रिय हो गए हैं। मिलावट की जांच में कई ऐसे सामान दिख रहे हैं, जिसका सेवन प्रथमदृष्टया ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। यहीं कारण है कि जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तरह बाहर की टीम ने भी एक लाख रुपये से अधिक के खाद्य पदार्थों को नष्ट करा दिया ताकि वे सामान बाजार में बिककर लोगों के घरों में न पहुंचे। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत तिवारी ने बताया कि जिले से बाहर की टीम ने जिले में जांच की है। होली में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए टीमें बनाईं गईं हैं और जांच कर रही है।
Readers Comments