Global News
--- VIEWS

श्रीलंका में सरकार ने हाल ही में वर्क फ्रॉम होम (WFH) और 4-डे वर्किंग वीक का ऐलान किया है।

TLN
श्रीलंका में सरकार ने हाल ही में वर्क फ्रॉम होम (WFH) और 4-डे वर्किंग वीक का ऐलान किया है।

यह फैसला मार्च 2026 में लिया गया, मुख्य रूप से ईरान युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट से तेल-गैस सप्लाई प्रभावित होने और ईंधन की कमी से बचने के लिए।

श्रीलंका के मुख्य फैसले:

सरकारी संस्थानों, स्कूलों और यूनिवर्सिटी में हर बुधवार को छुट्टी घोषित कर दी गई है, यानी हफ्ते में केवल 4 दिन काम।

सरकारी कर्मचारियों को जहां संभव हो, वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह दी गई है ताकि ईंधन की बचत हो।

प्राइवेट सेक्टर से भी अपील की गई है कि वे इसी तरह 50% वर्कफोर्स को WFH पर भेजें और बुधवार को छुट्टी दें।



ईंधन राशनिंग भी लागू है।

यह घोषणा 18 मार्च 2026 के आसपास लागू हुई और अनिश्चितकाल के लिए है। कुछ दिन पहले सरकार इस पर विचार कर रही थी, फिर फाइनल डिसीजन लिया गया।

बांग्लादेश में:

बांग्लादेश में अभी तक कोई बड़ा राष्ट्रीय स्तर का WFH ऐलान नहीं हुआ है। कुछ रिपोर्ट्स में ऊर्जा बचत के लिए ऑफिस घंटे कम करने और AC इस्तेमाल पर रोक का जिक्र है, लेकिन WFH या 4-डे वीक जैसा स्पष्ट आदेश नहीं मिला। पाकिस्तान और फिलीपींस जैसे देशों में भी इसी तरह के कदम उठाए गए हैं, लेकिन बांग्लादेश मुख्य रूप से ऑफिस टाइम सख्ती और अन्य छोटे उपायों पर फोकस कर रहा है।


अन्य देशों में (पड़ोसी/एशियाई):

पाकिस्तान: 4-डे वर्क वीक + सरकारी/प्राइवेट सेक्टर में 50% कर्मचारियों को WFH का निर्देश।

फिलीपींस: सरकारी स्टाफ के लिए 4-डे वीक और WFH को बढ़ावा।

वियतनाम, थाईलैंड आदि में भी WFH या कारपूलिंग/ईंधन बचत के उपायों की सलाह दी गई है।

ये सब उपाय ईरान युद्ध से जुड़े ग्लोबल तेल संकट के कारण हैं, जिससे एशिया के कई देश ईंधन बचाने के लिए कोविड-काल जैसे तरीके अपनाने लगे हैं।

भारत में अभी ऐसा कोई राष्ट्रीय ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन पड़ोसी देशों की स्थिति को देखते हुए नजर रखी जा रही है।


Share this story

Reader Reactions
Reader Comments
No comments yet. Be the first to comment!
Post a Comment