गोंडा में 114 साल पुराने बिसुही पुल के निर्माण से पहले वैकल्पिक मार्ग बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है वैकल्पिक मार्ग बनाए जाने के बाद ही इस पुल को तोड़कर नए फोरलेन पुल का निर्माण शुरू होगा। राष्ट्रीय छात्र पंचायत और स्थानीय लोगों की मुहिम के बाद NHAI अयोध्या ने यह कदम उठाया है। स्थानीय लोगों और राष्ट्रीय छात्र पंचायत के कार्यकर्ताओं ने 18 दिनों तक इस पुल के निर्माण को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। जिला प्रशासन और NHAI खंड अयोध्या के अधिशासी अभियंता एसके मिश्रा द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद अब धरना समाप्त कर दिया गया है। वैकल्पिक मार्ग बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। NHAI खंड अयोध्या के अधिशासी अभियंता एसके मिश्रा और नायब तहसीलदार अनुराग पांडे ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। पुल निर्माण और वैकल्पिक मार्ग के लिए एक रूपरेखा तैयार कर रूट डायवर्जन भी देखा गया है। पदाधिकारियों को जल्द से जल्द वैकल्पिक मार्ग का निर्माण पूरा करने का आश्वासन दिया गया है। इसके बाद मार्च के बाद पुल का निर्माण शुरू हो जाएगा। यह पुल भारत सरकार की वार्षिक कार्य योजना में शामिल है, इसलिए इसका निर्माण इसी वर्ष किया जाएगा। NHAI अयोध्या खंड के अधिशासी अभियंता एसके मिश्रा ने बताया कि इस पुल को फोर लेन किया जाएगा, जिससे भविष्य में आवागमन में कोई दिक्कत नहीं होगी। पहले वैकल्पिक मार्ग बनाया जाएगा, फिर निर्माण शुरू होगा। छोटे वाहन वैकल्पिक मार्ग से जाएंगे, जबकि बड़े वाहनों के लिए रूट डायवर्जन की रूपरेखा जिला प्रशासन के साथ मिलकर तैयार की जा रही है। वही जब राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय ने पूछा कि इसका पुराना बजट कहां गया तो एसके मिश्रा ने कहा कि उस समय ये लखनऊ डिवीजन में था उसकी जानकारी हमको नहीं है।
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