जिला कारागार की सुरक्षा और बंदियों की निगरानी व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। 25 फरवरी, बुधवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की स्थिति और अन्य व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की और जेल अधीक्षक सचिन वर्मा को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, डीएम और एसपी ने बैरकों, भोजनालय और पूरे जेल परिसर का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों ने बंदियों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और सुरक्षा इंतजामों के बारे में जानकारी प्राप्त की। जेल अधीक्षक सचिन वर्मा ने अधिकारियों को बताया कि जेल परिसर में नियमित रूप से चेकिंग अभियान चलाया जाता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जेल स्टाफ द्वारा लगातार निगरानी रखी जाती है, ताकि किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री जेल के अंदर न पहुंच सके। जिलाधिकारी ने जेल अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जेल में प्रवेश करने वाले सभी व्यक्तियों और सामग्री की सघन जांच सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जेल में आने वाले प्रत्येक नए बंदी का अनिवार्य रूप से चिकित्सकीय परीक्षण कराने का भी निर्देश दिया, ताकि उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी हो सके। पुलिस अधीक्षक ने भी जेल अधीक्षक सचिन वर्मा को निर्देशित करते हुए कहा कि निरुद्ध बंदियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दी जाए। एसपी ने जेल परिसर का नियमित निरीक्षण करने और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया। प्रशासन के इस औचक निरीक्षण से जेल प्रशासन में सतर्कता बढ़ गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिला कारागार की सुरक्षा, अनुशासन और बंदियों की निगरानी व्यवस्था को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि समय-समय पर निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाया जाएगा।